कांग्रेस के संकटमोचक बने सचिन पायलट, टेंशन में हनुमान बेनीवाल!

सचिन पायलट इन दिनों खासे एक्टिव नजर आ रहे हैं। पंजाब का उन्हें प्रभारी बनाया गया है। वहां पर उन्होंने गदर मचाया हुआ है, उनके आने के बाद तो राजा वडिंग ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और तो और खुले आम ये कह दिया है कि चाहे पायलट मेरा टिकट काट दें लेकिन राहुल गांधी का साथ नहीं छोड़ूंगा। वहीं सचिन पायलट राजस्थान में भी खासे एक्टिव हैं। पंचायती राज चुनाव से जूड़ी पार्टी की हर मीटिंग में वो हिस्सा ले रहे हैं, गहलोत के साथ उनके संबंध भी सुधर रहे हैं कि बीते दिनों पूरे राजस्थान और दिल्ली ने देखा।
बीते दिनों दिल्ली में कांग्रेस के चुनाव आयोग के प्रदर्शन में भी उन्होंने राहुल गांधी के साथ ही जोरों से ताल ठोकी और भीड़ में दबते-पसीने से लथपथ होते हुए भी उन्होंने जनता का साथ नहीं छोड़ा। एक नजारा ऐसा भी देखने को मिला कि वो कांग्रेस के मार्च में हाथ में गदा लेते हुए चलते नजर आ रहे हैं। अब गदा संकटमोचन हनुमान जी का शस्त्र है, यानी कांग्रेस ये जताने और बताने की कोशिश कर रही है कि सचिन पायलट अब कांग्रेस के संकट मोचक बन चुके हैं।
दूसरा हनुमान जी से याद आया कि राजस्थान में भी एक हनुमान हैं। जो नागौर से सांसद हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं बेनीवाल की, हनुमान बेनीवाल जो जाट समुदाय के बड़े नेता हैं और सचिन पायलट के कट्टर हैं। वे अपने कई बयानों-भाषणों में सचिन पायलट के लिए पता नहीं क्या-क्या बोल चुके हैं। उन्होंने तो पायलट को गहलोत की लुगाई तक बता दिया था पिछले दिनों।
दूसरा उन्होनें ये भी बयान दिया था जाटों को संबोधत करते हुए कि समाज उन्हें सचिन पाय़लट जैसा नहीं बना रहा है कि जैसे गुर्जरों का सारा वोट सचिन पायलट को जाता है वैसी ही जाटों का भी सारा वोट हनुमान बेनीवाल को जाए।
यानी एक तरफ हनुमान बेनीवाल सचिन पायलट को कमतर भी आंकते हैं और दूसरी तरफ उनके जैसा बनना भी चाहते हैं। आखिर ये क्या समीकरण है, ये तो बेनीवाल ही जानें।
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