सचिन पायलट ने टोंक में की विकास कार्यों की समीक्षा, सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को बताया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने शनिवार को टोंक जिले के सर्किट हाउस में बैठक की और जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक और कई विभागों के मुख्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सचिन पायलट ने टोंक में चल रहे विकास कार्यों, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति और मूलभूत सुविधाओं के कामों की भी गहराई से समीक्षा की।
पायलट ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जो विकास कार्य लम्बे समय से अधूरे चल रहे हैं, उन्हें तय समय सीमा में पूरा किया जाए। पायलट ने पीने के पानी की सप्लाई के गैप को कम करने, ज्यादा से ज्यादा लोगों तक नियमित पानी उपलब्ध कराने और बिजली सप्लाई को भी सुचारु रखने पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने शहर में टैंकरों से पानी सप्लाई को बढ़ाने, सड़कों के पैचवर्क ठीक करने और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के आदेश दिए। इसके अलावा पायलट ने गहलोद पुल समेत पूरे हो चुके निर्माण कार्यों का जल्द से जल्द औपचारिक उद्घाटन करने की बात कही ताकि आम जनता को इसका फायदा मिल सके।
बैठक के बाद सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत की जिसमें उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर टिप्पणी की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बातचीत और समाधान करने की बजाय दमन का रास्ता चुन रही है। यदि सरकार को सच में सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता थी, तो उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए था।
साथ ही, पायलट ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा पेपर लीक और युवाओं के आक्रोश पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलनों को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस युवाओं की आवाज लगातार उठा रही है।
राजस्थान में पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनावों को लेकर पायलट ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार लगातार बहाने बनाकर चुनाव टाल रही है। हाई कोर्ट के कड़े आदेशों के बाद भी सरकार चुनाव कराने से बच रही है क्योंकि उन्हें जनता के जनादेश का डर सता रहा है।
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