'बेटी ने अपना वादा निभाया...', अरुंधति चौधरी के गोल्ड मेडल पर बोले पिता, कोच ने बताई संघर्ष की कहानी

Arundhati Chaudhary gold medal: शिक्षा नगरी कोटा यूं तो छात्रों के जश्न के लिए जाना जाता है लेकिन फिलहाल शहर में चारों ओर एक ही नाम की चर्चा है वह हैं अरुंधति चौधरी। अरुंधति चौधरी ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे देश को झूमने का मौका दे दिया। शाम होते ही अरुंधति के परिवार के साथ-साथ पूरा शहर टीवी के सामने बैठ गया। सभी की उम्मीदें अरुंधति पर थी कि वह गोल्ड लाएं और हाथों में तिरंगा उठाए। हुआ भी कुछ ऐसा ही मुकाबले के बाद जब रेफरी ने उनके गोल्ड जीतने की घोषणा की तो पूरा शहर खुशियों से झूम उठा।
अरुंधति के बूंदी रोड स्थित घर से परिवार का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उनका पूरा परिवार टीवी के सामने टकटकी लगाकर बैठा हुआ नजर आ रहा है। लेकिन जैसे ही उनके जीत की घोषणा होती है परिवार खुशी से झूम उठता है। पिता और मां की आंखों में आंसू थे। परिजनों ने मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस दौरान शहर के लोगों ने आतिशबाजी भी की। इस बीच रात से उनके घर पर रिश्तेदारों और करीबियों के आने का क्रम जारी है। अरुंधति की जीत पर उनके कोच अशोक गौतम ने कहा कि यह सिर्फ अरुंधति की नहीं बल्कि कोटा और पूरे देश की जीत है।
पिता ने दी आईआईटी की सलाह
जीत के बाद उनके कोच अशोक गौतम ने बताया कि अरुंधति को मिली सफलता के पीछे बड़ा लंबा संघर्ष है। प्रेक्टिस के दौरान उनकी दोनो कलाइयों में गंभीर चोट आई और ऑपरेशन के बाद प्लेट डालनी पड़ी। एड़ी में भी फ्रैक्चर हुआ। इसके बावजूद उन्होंने रिंग में उतरकर पूरे देश को खुशी मनाने का मौका दिया है। वहीं अरुंधति की मां ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास था कि बेटी गोल्ड लेकर आएगी। वहीं पिता सुरेश चौधरी ने कहा कि जब वह 15 साल की थी तो उन्होंने आईआईटी की तैयारी करने की सलाह दी थी। तब उसने गोल्ड जीतने की बात कही थी और अब उसने अपना वादा निभा दिया है।
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