‘किरोड़ी अलग ही किस्म के प्राणी हैं’, कृषि मंत्री-डोटासरा के विवाद में आया अशोक गहलोत का बयान

Ashok Gehlot on Kirodi Lal Meena and Govind Singh Dotasra: प्रदेश के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के विवाद पर अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ये किरोड़ी मीणा को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है।
किरोड़ी अलग ही किस्म के प्राणी हैं
गुरुवार को जोधपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजनीति में जो है, झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्रकृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, आप देखते हो उनको 15-20 साल से। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो।
किरोड़ी ने कहा कि वो पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पे आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो आप बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है।
‘किरोड़ी के आरोप ढाई साल में हवा में उड़ चुके’
गहलोत ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा सरकार बनने से पहले और अब मंत्री रहते हुए भी हम सब पर लगातार आरोप लगाते घूम रहे हैं पर इनका एक भी आरोप किसी पर सिद्ध नहीं हुआ है। भाजपा सरकार आने के ढाई साल में इनके सब आरोप हवा में उड़ चुके हैं। अब इन पर खुद पर आरोप लग गए तो ये तिलमिला गए हैं और बयान दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री के दबाव में एसीबी उन्हें फंसा रही है। अब वे जनता के सामने पूरी तरह एक्सपोज हो गए हैं।
खुद को घिरता देख इस सब से ध्यान भटकाने के लिए किरोड़ी लाल मीणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा पर अनर्गल और सरासर झूठे आरोप लगाना उनकी हताशा को साफ दर्शाता है। जनता सब देख रही है, इस झूठ की राजनीति का अंत निश्चित है।
डोटासरा के बयान पर लिया पक्ष
अशोक गहलोत ने पीसीस चीफ के किरोड़ी पर बयानों पर कहा कि डोटासरा को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। ये किरोड़ी मीणा जी को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि ACB भी दबाव में काम कर रही है।
'ACB दबाव में काम कर रही'
गहलोत ने आरोप लगाया कि ACB तो दबाव में है, जब से DG साहब आए हैं, पहले मैंने कहा ये आदमी तो भला है DG। वो पूरी तरह CMO के और CM भजनलाल शर्मा के दबाव में है ये। इनके जो नीचे अधिकारी है, वो भी इनकी बात नहीं मानते हैं। वो इनको उल्टा दबाते हैं। तो मुझे लगता है कि ACB का जो DG है, वो खुद परेशान होंगे। स्थिति एसीबी की बहुत भयानक खराब है। दबाव में काम हो रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि 3-3 बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। ACB में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी। यहां पंचायतें नहीं हो रही हैं। IO कह रहा भाई ये अरेस्ट नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई केस नहीं बनता। आप इसको अरेस्ट कीजिए। अरेस्ट हुए भी हैं, जिनमें महेश जोशी भी हैं।
RSS के दबाव में मुख्यमंत्री ने डाले हथियार
गहलोत ने कहा कि IO ने मना किया। वो पहले ही केस में अरेस्ट हो चुके थे। यहां वापस अरेस्ट कर लिया, क्या मजाक बना रखी है? क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि ये क्या हो रहा है? उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद RSS वालों का आता होगा।
गहलोत ने संघ का जिक्र करते हुए कहा कि RSS के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार डाल देते हैं। राज RSS कर रहा है ये तो मुखौटे हैं खाली। मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आजकल जो ये लोग राज करते हैं ये मुखौटे बने हुए हैं। राज RSS वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, करप्शन सब वहीं से डायरेक्शन आते हैं। हालात बड़े गंभीर हैं राजस्थान के।
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