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अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: भौंडा गांव में प्रह्लाद खटाना का आंदोलन, निर्दोषों को परेशान करने का लगाया आरोप

अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: भौंडा गांव में प्रह्लाद खटाना का आंदोलन, निर्दोषों को परेशान करने का लगाया आरोप
राजस्थान
16 Oct 2026, 06:08 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Atar Singh Bhadana Murder: राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंडा गांव में पूर्व बीजेपी विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद तनाव और डर का माहौल होने के दावे सामने आ रहे हैं। गांव की महिलाओं का कहना है कि घटना के बाद परिवारों में डर बना हुआ है और कई पुरुषों और युवाओं को गांव से बाहर भेज दिया गया है। इसी मामले को लेकर गुर्जर समाज के कार्यकर्ता प्रह्लाद खटाना भौंडा गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

प्रह्लाद खटाना ने गांव में लोगों से बातचीत के बाद आरोप लगाया कि भड़ाना की मौत के बाद निर्दोष ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उसकी आड़ में महिलाओं, बच्चों और दूसरे निर्दोष लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

प्रह्लाद खटाना ने गांव पहुंचकर क्या कहा?

प्रह्लाद खटाना ने बीते दिनों गांव के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले तीन दिनों में भौंडा गांव के लोगों के साथ जो व्यवहार हुआ है, उसकी वह निंदा करते हैं। उनके मुताबिक, गांव में छोटे बच्चे, बीमार महिलाएं और गर्भवती महिलाएं भी हैं। उन्होंने दावा किया कि डर के माहौल के कारण कुछ महिलाएं अस्पताल जाने और जरूरी दवाइयां लेने में भी परेशानी महसूस कर रही हैं।

खटाना ने प्रशासन से अपील की कि मामले में जो भी लोग वास्तव में दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन निर्दोष ग्रामीणों को राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि गांव में भय का माहौल खत्म करना और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देना जरूरी है।

गांव में पुरुषों और युवाओं के नहीं होने का दावा

ग्रामीणों ने दावा किया है कि भौंडा गांव में कई पुरुष और युवा मौजूद नहीं हैं। कुछ परिवारों का कहना है कि अतर सिंह भड़ाना की मौत के बाद पैदा हुए डर के चलते उन्होंने अपने घर के पुरुष सदस्यों और बच्चों को दूसरी जगह भेज दिया है। गांव में महिलाओं और छोटे बच्चों के रह जाने की बात भी सामने आई है।

हालांकि, गांव में कितने लोग बाहर गए हैं और कितने परिवारों ने डर के कारण ऐसा कदम उठाया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसी तरह, ग्रामीणों को डराने-धमकाने के आरोपों की भी पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच की जानी चाहिए।

महिलाओं ने बताई अपनी परेशानी

प्रह्लाद खटाना ने गांव की महिलाओं से उनके घरों पर जाकर बातचीत भी की। इस दौरान महिलाओं ने कथित तौर पर डर और परेशानियों से जुड़ी अपनी बातें रखीं। उनका कहना है कि घटना के बाद गांव में सामान्य माहौल नहीं रह गया है और परिवारों को भविष्य की चिंता सता रही है।

महिलाओं के बयानों के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि अगर ग्रामीणों को डराने-धमकाने की घटनाएं हो रही हैं, तो इसके पीछे कौन है? क्या किसी निर्दोष परिवार को केवल गांव में रहने या किसी आरोपी से संबंध होने के आधार पर परेशान किया जा रहा है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अतर सिंह भड़ाना की मौत के बाद गांव में क्यों बढ़ा तनाव?

पूर्व बीजेपी विधायक अतर सिंह भड़ाना की 11 अक्टूबर 2026 को भरतपुर जिले के भौंडा गांव में स्टोन क्रशर और खनन से जुड़े विवाद के दौरान हुए हमले के बाद मौत हो गई थी। इस घटना में उनके सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के पीछे क्रशर प्लांट को दोबारा शुरू करने और खनन से जुड़े पुराने विवाद की बात सामने आई थी। मामले में पुलिस ने जांच और कार्रवाई शुरू की थी।

अब इस घटना के बाद गांव के कुछ परिवारों की ओर से डर और परेशानी के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने की भी चुनौती है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान न किया जाए।


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