हंगामे के अगले ही दिन बाड़े से हटाया गया स्कूल, CJP बोली- ये हमारा ‘इंपैक्ट’

बगरू के रामपुरा-कंवरपुरा सरकारी स्कूल में CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के अगले ही दिन मामला एक बार फिर गरमा गया है। जिस स्कूल की बदहाली को लेकर शुक्रवार को CJP की टीम गांव पहुंची थी, उसकी अस्थायी व्यवस्था को लेकर शनिवार को बदलाव की खबर सामने आई है। स्कूल को 50 मीटर दूर एक बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया। CJP ने इसे अपने अभियान का ‘इंपैक्ट’ बताते हुए सोशल मीडिया पर दावा किया है कि स्कूल को बाड़े से हटा दिया गया है।
सीजेपी बोली- ये हमारे अभियान का इंपैक्ट
इस स्कूल को शनिवार को 50 मीटर दूर एक बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया। CJP ने इसे अपने अभियान का असर बताया है। पार्टी का तर्क है कि जिस स्थिति को लेकर उसने सवाल उठाए और जिसके निरीक्षण के लिए टीम गांव पहुंची, उसके बाद प्रशासनिक स्तर पर स्कूल को बाड़े से हटाने की कार्रवाई हुई।
क्या सच में CJP के दबाव में शिफ्ट हुआ स्कूल
लेकिन यहां एक अहम सवाल भी है कि क्या ये बदलाव सीधे CJP के दबाव में हुआ या पहले से चल रहे निर्माण का हिस्सा था? क्योंकि अभी तक इस बदलाव को सीधे CJP के दबाव से जोड़ने वाला कोई प्रशासनिक आदेश अभी सामने नहीं आया है। इसलिए इसे फिलहाल CJP का दावा ही माना जाना चाहिए।
स्कूल की मूल इमारत पहले से ही जर्जर घोषित की जा चुकी थी जिसे सील करके और नोटिस चस्पा करके बच्चों को एक बाड़े में पढ़ाया जा रहा था। बगरू विधायक कैलाश वर्मा ने बीते दिन ही सोशल मीडिया पर बताया था कि स्कूल की नई बिल्डिंग के लिए 18 लाख रुपए का बजट दिया जा चुका है।
क्या हुआ था CJP कार्यकर्ताओं और गांव वालों के बीच
21 अगस्त को CJP की टीम ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत रामपुरा-कंवरपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंची थी। टीम में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कार्यकर्ता शामिल थे।
CJP का आरोप है कि टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों के नाम पर लोगों का समूह रास्ते में मौजूद था और कार्यकर्ताओं का विरोध शुरू कर दिया गया। बाद में विवाद धक्का-मुक्की, मारपीट, पथराव और वाहनों के शीशे टूटने तक पहुंचने का आरोप लगाया गया। रांका ने आरोप लगाया कि उनके साथ भी मारपीट हुई और उनके कपड़े फाड़े गए।
दूसरी तरफ ग्रामीणों ने CJP के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में बाहरी लोग गांव में आए थे और स्कूल के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही थी। एक ग्रामीण ने तो ये तक दावा किया कि उन्होंने CJP टीम के साथ मारपीट नहीं की और गाड़ियों को नुकसान खुद CJP के लोगों ने पहुंचाया।
दोनों तरफ से क्रॉस FIR
मामले में अब दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और क्रॉस-FIR के बाद पुलिस जांच कर रही है। जयपुर दक्षिण के DCP राजर्षि राज के मुताबिक दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बता दें कि विवाद के केंद्र में स्कूल की जर्जर इमारत है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के मुताबिक स्कूल की मेन बिल्डिंग की हालत खराब होने के चलते उसे असुरक्षित घोषित कर बंद किया गया था और एक बाड़े में (वैकल्पिक जगह) पर कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। वहां टीनशेड के नीचे पढ़ाई और आसपास पशुओं का चारा होने की तस्वीरों ने विवाद को और बड़ा किया। कॉक्रोच जनता पार्टी ने यहां पशुओं के तबेला होने का दावा किया।
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