IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल ने संतों की छीना सुख-चैन? हनुमान बेनीवाल ने क्यों कहा चरित्रहीन

Hanuman Beniwal: दूदू जिले के बिचनू का भैराणा धाम इन दिनों सियासत के केंद्र में है। यहां पर संतों की लड़ाई रीको से चल रही है और सरकार से भी। इस लड़ाई में जब हनुमान बेनीवाल की एंट्री हुई। तब से IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल भी चर्चा में है लेकिन किसी अच्छी बात पर नहीं बल्कि उन पर चरित्रहीन होने का आरोप लगा है। जो खुद अग्नितप कर रहे संतों और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने लगाए हैं। ACS रीको शिखर अग्रवाल को अब ब्यूरोक्रेसी का 'रावण' तक कहा जाने लगा है।
बेनीवाल बोले- ऐसे अधिकारी CM को गलत रास्ते पर ले जा रहे
भारत रफ्तार से एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान हनुमान बेनीवाल ने कहा कि शिखर अग्रवाल की 20 जगहों पर ये शिखर अग्रवाल डीएम रहा है। इसने 20 सुसराल बना ली हैं। ये चरित्र से खराब इंसान है। उसने संतों को बेइज्जत किया। उन्हें डराया फटकारा। मैंने तो इसीलिए कहा था कि मूर्खों की सरकार है और मुख्यमंत्री मूर्खाधिराज है। ये कोई असंसदीय शब्द नहीं है आप देख लीजिए।
बेनीवाल ने कहा कि साधु समाधि तक के लिए तैयार हो गए फिर भी सरकार ने कुछ नहीं किया। शिखर अग्रवाल जैसे लोग CM को चला रहा है तो CM को गलत रास्ते पर तो नहीं डाल दिया है इन्होंने। ये अपने साधु-संतों की ही बात नहीं सुन रहे हैं।
शिखर अग्रवाल के विरोध में ही संतों का आंदोलन!
दरअसल सूत्रों के हवाले से बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है कि संत आंदोलन के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि इसी सीनियर IAS अफसर का हाथ बताया जा रहा है। खबर है कि जब संतों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी जायज मांगों को लेकर इनसे मिलने गया, तो साहब ने उनके साथ कथित तौर पर ऐसा दुर्व्यवहार किया, ऐसा अपमान किया कि संतों का धैर्य जवाब दे गया और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया।
'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली ये कहावत इस अफसर पर एकदम सटीक बैठती है। CMO में 2 साल रहने के दौरान भी इन पर सरकार की छवि खराब करने के आरोप लगते रहे हैं और अब रीको जैसे अहम विभाग में भी इनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अब जनता सवाल पूछ रही है कि संतों का अपमान करने वाले ऐसे अफसरों की संपत्ति की जांच केंद्र सरकार कब करेगी? क्या इनका विभाग बदला जाएगा? राजस्थान संतों का अपमान बिल्कुल नहीं सहेगा।
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