कैसे काम करेगी भारत टैक्सी? क्या Ola Uper Rapido से सस्ता किराया होगा, जानिए सब कुछ

राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत कर दी है। इस दौरान सीएम ने कहा था कि भारत टैक्सी में सारथी यानी ड्राइवर सिर्फ एक चालक नहीं बल्कि ये भारत टैक्सी संस्था का पार्टनर भी है। इससे होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा इन सारथियों के पास ही रहेगा। ऐसे में अब सवाल ये उठता है कि तो क्या भारत टैक्सी का जो किराया होगा वो दूसरी कैब सर्विस यानी ओला, उबर या रैपिडो से सस्ता होगा या फिर महंगा और ये कैसे काम करेगी? तो इसके बारे में आपको हम सब कुछ बता रहे हैं।
कैसे काम करती है भारत टैक्सी?
सबसे पहले तो आप ये जानिए कि आखिर ये भारत टैक्सी ये क्या और ये दूसरी कैब सर्विस कंपनियों से कितनी अलग है। तो ये भारत टैक्सी भारत सरकार और सहकारिता मंत्रालय की एक पहल है जो सहकारिता आधारित राइड एलिंग प्लेटफॉर्म है। यानी आपसी सहयोग और सामूहिक हितों से ये काम होगा। ये ‘सारथी ही मालिक’ के सिद्धांत पर काम करता है।
इसलिए ये दूसरी राइड कंपनियों की तरह बिना कमीशन, ड्राइवर के गाड़ी पर पूर्ण स्वामित्व पर काम करता है। यानी जो गाड़ी के ड्राइवर होंगे वो सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि इस सहकारी संस्था भारत टैक्सी के मेंबर और सह-मालिक होंगे। इसमें ग्राहक से राइड का कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। यानी ग्राहक ड्राइवर को जो किराया देगा वो सीधे ड़्राइवर के पास जाएगा। यानी इससे ड्राइवर की इनकम ही बढ़ेगी।
और तो और जैसे दूसरी राइड कंपनियां पीक ऑवर्स जैसे त्यौहार हुआ, खराब मौसम हुआ, ट्रैफिक हुआ या फिर देर रात हुई तो वो किराया बढ़ा देती हैं लेकिन भारत टैक्सी के ग्राहक को किराया सामान्य दिनों वाला ही देना होगा। किराया तय होगा और वो ही चलेगा। ऐसे में ये आपको दूसरी कंपनियों से सस्ता ही पड़ेगा।
कैसे करनी होगी बुकिंग?
जैसे आप दूसरी कैब सर्विस कंपनियों के ऐप से राइड बुक करते हैं, वैसे ही आपको भारत टैक्सी का ऐप डाउनलोड करना होगी और अपना डेस्टिनेशन डालकर राइड बुक करनी होगी। हर किलोमीटर के हिसाब से न्यूनतम आधार किराया तय किया गया है।
ड्राइवर्स के लिए क्या?
भारत टैक्सी के ड्राइवर्स को मुनाफे में सीधे तौर पर हिस्सेदारी मिलती है। उन्हें स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलता है। पॉलिसी के मुताबिक 3 साल बाद कंपनी के कुल मुनाफे का 80 प्रतिशत हिस्सा ड्राइवर्स को उनकी गतिविधियों के आधार पर वापस बांटा जाएगा।
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