200 बीघा से ज्यादा की जमीन पर कब्जा और बिजली चोरी, बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा का एक और बड़ा कांड!

40% कमीशन के बाद बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा ने अपने विधानसभा क्षेत्र खींवसर में नया कांड कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 208 बीघा की 8 करोड़ रुपए की कीमत की सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है और वहां पर बिना कनेक्शन बिजली भी ली हुई है यानी चोरी की बिजली। ये दावा होने के बाद अब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के समर्थकों ने बीजेपी को घेरना शुरु कर दिया है। रेवंतराम डांगा पर इससे पहले विधायक निधि से काम करने के एवज में 40% कमीशन का आरोप लगा था।
8 करोड़ रुपए है जमीन की कीमत
ये पूरा मामला नागौर में उनके पैतृक गांव पालड़ी व्यासा का है। जहां विधायक और उनके परिवार ने मिलकर करीब 208 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। इस पूरी जमीन की बाजार में कीमत करीब 8 करोड़ रुपए है। हद तो ये है कि कब्जे वाली जमीन के चारों तरफ पक्की दीवारें खींच दी गई हैं, जिसमें अकेले 40 बीघा जमीन पर सीधे तौर पर विधायक का कब्जा है।
रिकॉर्ड में सब कुछ साफ
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अवैध जमीन और खुद की निजी जमीन को मिलाकर खेती के लिए धड़ल्ले से पानी की डिग्गियां और कृषि भवन बनवा डाले गए हैं। रिकॉर्ड देखने पर पता चला कि खसरा नंबर 325/115 पर बनी डिग्गी पूरी तरह सरकारी जमीन पर है। वहीं खसरा नंबर 132 पर अनुदान वाला हॉल भी खड़ा कर दिया गया है।
चोरी की बिजली से चल रही खेतों में मोटर
इस खेल का सबसे बड़ा चौकाने वाला हिस्सा बिजली चोरी है। कागजों में यहां कोई बिजली कनेक्शन नहीं है, लेकिन खेतों में मोटरें धड़ल्ले से चल रही हैं। मुख्य लाइन से सीधे छेड़छाड़ करके बीच में पोल खड़े किए गए हैं और सिंचाई के वक्त मोटर चलाने के लिए अवैध रूप से छोटा ट्रांसफार्मर यानी 'ढोलकी' रख ली जाती है।
सरकारी जमीन पर बना डाला पक्का घर
रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि विधायक के भाई रामेश्वर ने तो मुख्य सड़क पर ही सरकारी जमीन पर पक्का घर बना लिया है, जिसके सामने सरकारी ट्यूबवेल से डिग्गी तक पाइप बिछे हैं।
कागजों में विधायक के पास करीब 94 बीघा जमीन है, लेकिन मौके पर कब्जा इससे काफी ज्यादा है। जिन खसरा नंबर 54 और 55 की जमीन कागजों में सिर्फ 13 बीघा है, वहां कब्जा पूरे 25 बीघा पर है यानी 12 बीघा अतिरिक्त सरकारी जमीन हड़प ली गई है।
जिम्मेदारों को खबर तक नहीं
ये रिपोर्ट जब सामने आई और जिम्मेदारों से सवाल पूछे गए तो कृषि विभाग के जॉइंट डायरेक्टर हेमराज मीणा ने तो अनभिज्ञता ही जता दी, वहीं डिस्कॉम के अधिकारी सुल्तान सिंह ने जल्द कार्रवाई की बात कही है। मजे की बात तो यह है कि यह सब नागौर में ही हो रहा है, लेकिन सांसद हनुमान बेनीवाल को इसकी भनक तक नहीं लगी।
ये भी पढ़ें- जयपुर के स्पा सेंटरों पर पुलिस ने मारी रेड! अनैतिक काम करने वाले 14 लोग हिरासत में
इस लिंक को शेयर करें

