माँ का दूध मिलना भी अब मुश्किल! राजस्थान में स्तनपान दर 16% घटी, स्थिति गंभीर

NFHS-6 Breastfeeding Rate Report Rajasthan: एक बच्चे के जन्म लेने के बाद उसके लिए सबसे ज़रूरी होता है उसकी माँ का दूध और उसे जन्म से लेकर 6 महीने तक इसकी सबसे ज्यादा ज़रुरत होती है। लेकिन अब बच्चों को उनकी माँ का दूध मिलना भी मुश्किल होने वाला है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 द्वारा हाल ही में जारी की गयी रिपोर्ट के अनुसार देश भर में बच्चों को स्तनपान की दर में काफी गिरावट आ चुकी है। आज के वक़्त में हर 100 में से सिर्फ 56 बच्चों को ही उनकी माँ का दूध मिल पा रहा है।
क्या कहती है हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 की रिपोर्ट (NFHS-6 Report) के मुताबिक नवजात के जन्म से 6 महीने तक स्तनपान की दर 2019-21 में 64% थी, यानि हर 100 में से 64 बच्चों को ही माँ का दूध मिल रहा था। लेकिन ये दर 2023-24 में और ज्यादा घटकर अब सिर्फ 55.8% रह गयी है। माँएं अपने बच्चों को फ़ॉर्मूला और पाउडर मिल्क पिलाने को मजबूर हो रहीं हैं।
क्या है राजस्थान में स्तनपान की स्थिति (Rajasthan Breastfeeding Rate)
राजस्थान में तो स्थिति और भी गंभीर हो गयी है। राजस्थान में स्तनपान की दर 16% तक गिर चुकी है। 2019-21 में जो दर 70.4% चल रही थी, 2023-24 में वह 54.3% ही रह गयी है, यानि राजस्थान में 100 में से सिर्फ 54 बच्चों को उनकी माँ का दूध नसीब हो पा रहा है।
स्तनपान दर गिरने के कारण
- स्तनपान गिरने का एक प्रमुख कारण ये है कि महिलाओं का शरीर बच्चे की ज़रुरत के हिसाब से पूरा दूध बना ही नहीं पा रहा है। जयपुर के जनाना अस्पताल के विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में 10 में 7 महिलाओं को यही शिकायत हो रही है, इसलिए वे बच्चों को फ़ॉर्मूला मिल्क पिलाने की परमिशन मांगती हैं।
- जो स्त्रियाँ पहली बार माँ बनी हैं, वे जानकारी और अनुभव नहीं होने की वजह से दूध होने पर भी सही तरीके से दूध नहीं पिला पा रही हैं।
- वे महिलाऐं, जिनकी डिलीवरी ऑपरेशन से हुई है या फिर जिनका शरीर कमज़ोर है, ऐसी महिलाओं के शरीर में भी पूरा दूध नहीं बनता। शरीर की ज़्यादातर ऊर्जा डिलीवरी के बाद रिकवरी करने में खर्च हो जाती है।
- आजकल के भागदौड़ भरे बिजी लाइफस्टाइल और शेड्यूल में माँ सही वक़्त पर बच्चे को दूध नहीं पिला पाती, जिससे उनके शरीर में दूध बनना कम होने लगता है।
- स्ट्रेस, एंग्जायटी, डिप्रेशन और स्मोकिंग से भी मिल्क प्रोडक्शन पर काफी असर पड़ता है।
क्यों ज़रूरी है स्तनपान (Mother Milk Benefits)
- बच्चे के जन्म से लेकर कम से कम 6 महीने तक स्तनपान बेहद ज़रूरी है। इस वक़्त बच्चे की ग्रोथ के सभी न्यूट्रीशन की डिमांड यहीं से पूरी होती है। (Infant Nutrition)
- दूध के अलावा कुछ और देना बच्चे को बीमारियाँ और इन्फेक्शन जैसी दिक्कतें दे सकता है, जो कुछ मामलों में गंभीर भी हो सकता है।
- स्तनपान से महिला के शरीर में ऑक्सीटोसिन रिलीज़ होता है, जिससे महिला का पोस्ट डिलीवरी डिप्रेशन काफी कम होता है।
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