होम/rajasthan/cm-bhajan-lal-sharma-ashok-gehlot-grief-over-maand-singer-gavari-devi

CM भजनलाल से लेकर अशोक गहलोत, मांड गायिका गवरी देवी के निधन पर जताया शोक

CM भजनलाल से लेकर अशोक गहलोत, मांड गायिका गवरी देवी के निधन पर जताया शोक
राजस्थान
12 Jun 2026, 01:53 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

पधारो म्हारो देश से दुनिया भर में मशहूर हुईं राजस्थान की स्वर साधिका, मांड लोकगायिका गवरी देवी का निधन 98 साल की उम्र में हो गया। पाली स्थित अपने आवास पर उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके जाने के बाद ऐसा लग रहा है कि जैसे राजस्थान के लोकगीतों, पारंपरिक संगीत औऱ साधना की जैसे आत्मा ही शरीर से बाहर निकल गई हो। उनके निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम दीया कुमारी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

भजनलाल शर्मा ने किया x पर पोस्ट

प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X पर कहा कि, “पाली की सुप्रसिद्ध मांड गायिका गवरी देवी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका जाना लोक संगीत जगत एवं राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है। अपनी मधुर स्वर साधना और लोकगीतों के माध्यम से उन्होंने राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति को नई पहचान दी। लोककला के संरक्षण और संवर्धन में उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।“

“उनकी सुरमयी विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके प्रशंसकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”

डिप्टी CM दीया कुमारी ने भी व्यक्त की संवेदनाएं

राज्य की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति और मांड गायिकी को अपनी सुमधुर आवाज़ से देश-विदेश में विशिष्ट पहचान दिलाने वाली सुप्रसिद्ध लोक गायिका गवरी देवी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका जीवन राजस्थान की लोक कला, संगीत और संस्कृति के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण रहा है।“

“ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, प्रशंसकों एवं कला प्रेमियों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति।“

Ex CM अशोक गहलोत ने भी जताया दुख

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि, ”मांड गायकी को दुनिया में लोकप्रिय बनाने में अहम योगदान देने वाली सुप्रसिद्ध गायिका गवरी देवी जी के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। अनेक दशकों तक उन्होंने मांड गायन किया तथा इस लोककला का पर्याय बनीं। उनके निधन से राजस्थान के कला एवं संस्कृति क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को धैर्य तथा संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।“

इतनी प्रसिद्ध होने के बावजूद साधारण परिवेश, पेंशन पर ही जीतीं

गवरी देवी 8 दशक तक अपनी गायिकी से पूरे विश्व में बेहद प्रसिद्ध थीं। मरू कोकिला के नाम से प्रसिद्ध गवरी देवी बाड़मेर के कोरण गांव में कलाकार परिवार में जन्मी थीं। गवरी देवी कला को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार उन्हें 1975-76 में दिया था। 2013 को राजस्थान की सरकार ने उन्हें राजस्थान रत्न से सम्मानित किया था। इसके अलावा इन्हें राजस्थान संगीत नाटक अकादमी समेत लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिला हुआ है। गवरी देवी आधुनिक संगीत के इस दौर में भी अपनी लोकगायिकी को बचाये और संरक्षित रखने के लिए अपनी आने वाली पीढ़ी को इसकी शिक्षा दे रहीं थीं। गवरी देवी की बहू सुंदर देवी और पोती गंगा और नीतू आगे बढ़ा रही हैं।

ये भी पढ़ें- बीकानेर में 6 प्रसूताओं की हालत पर स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद गर्माई सियासत, कांग्रेस-RLP ने बीजेपी के खिलाफ संभाला मोर्चा


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2026 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.