राजस्थान में तबाही मचाने वाला था गैंगस्टर रोहित गोदारा, जानिए क्या थी पूरी प्लानिंग

Rohit Godara Planning in Sikar: सीकर में पुलिस की कार्रवाई ने रोहित गोदारा गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के इनपुट पर सीकर की कोतवाली और लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से चार विदेशी पिस्टल और दर्जनों कारतूस बरामद किए गए। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि सिर्फ 4 पिस्टल ही नहीं बल्कि हथियारों की पूरी खेप यहां भेजी गई है।
रोहित गोदारा गैंग ने करीब एक दर्जन विदेशी पिस्टल और सैकड़ों कारतूस अलग-अलग जिलों में सप्लाई किए गए थे। सीकर, श्रीगंगानगर समेत और दूसरे इलाकों तक ये हथियार पहुंच चुके थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि सभी हथियार बरामद कर लिए गए हैं। यानी एक संभावित बड़ी वारदात होने से पहले ही उसे रोक लिया गया।
इस तरह से गिरफ्तार किए गए आरोपी
सबसे पहले पकड़ा गया गुलाब सिंह। उसके पास से एक जिगाना पिस्टल मिली। इसके बाद प्रदीप मंडीवाल गिरफ्तार हुआ। उसके पास से दो और पिस्टल बरामद हुईं। फिर मनोज थालौड़ को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक ये तीनों कोई शूटर नहीं थे बल्कि इनका काम था विदेश से आए हथियारों को रिसीव करना और उन्हें शूटर्स तक पहुंचाना। यानी ये पूरे नेटवर्क के मीडिएटर थे।
विदेश से रोहित गोदारा ने चलाया पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग का नेटवर्क विदेश से ऑपरेट किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क को वीरेंद्र चारण हैंडल कर रहा था। जबकि राजस्थान में लोकल स्तर पर राहुल रिणाऊ गैंग के लिए नए लोगों को जोड़ने और हथियार पहुंचाने का काम देख रहा था।
कैसे हुआ साजिश का भंडाफोड़
रोहित गोदारा की गैंग अब Signal ऐप का इस्तेमाल कम कर रही है। यानी उसकी जगह किसी दूसरे एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों की वजह से गैंग अपने लोकल गुर्गों से समय पर संपर्क नहीं कर पाई और इसी देरी का फायदा पुलिस को मिला। जिसके बाद और पूरी साजिश समय रहते पकड़ ली गई।
पहले भी इस तरह के मामले सामने आए
ये पहली बार नहीं है कि राजस्थान में ऐसा कुछ सामने आया हो। इससे पहले जनवरी में सीकर के एक सर्राफा कारोबारी से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। उस मामले में भी पुलिस ने गैंग से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी सामने आया कि एक नाबालिग लड़के को शूटर्स के ठहरने के इंतजाम करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसे इसके बदले 10 से 20 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था।
अब सवाल आता है कि ये लोग आखिर ये क्राइम करने को क्यों तैयार हुए तो जवाब है पैसा गुलाब सिंह को उसके बिजनेस में एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ जिसके बाद वो इस गैंग से जुड़ गया और काली कमाई करने लगा। उसे लगा कि गैंग के जरिए अपने पार्टनरों को धमकाकर पैसा वापस वसूल लेगा। वहीं प्रदीप नशे की लत का शिकार था। वो टेलीग्राम के जरिए गैंग के संपर्क में आया और पैसों के लालच में काम करने लगा।
रोहित गोदारा की गैंग को लगा है तगड़ा झटका
ऐसे में अब लगातार दूसरी बार हथियारों की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद माना जा रहा है कि रोहित गोदारा गैंग को बड़ा झटका लगा है। हालांकि पुलिस अभी भी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है...क्या राजस्थान में किसी हाई-प्रोफाइल टारगेट पर हमला होने वाला था? क्या इस गैंग के और भी स्लीपर नेटवर्क सक्रिय हैं? और क्या विदेश से बैठे गैंगस्टर अब भी राजस्थान में अपना नेटवर्क चलाने की कोशिश कर रहे हैं? इन सवालों के जवाब आने वाली जांच में सामने आएंगे।
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