हनुमान बेनीवाल ने प्रदर्शनकारियों पर इनाम घोषित करने पर उठाए सवाल, मदन राठौड़ के सामने किया था विरोध

Jaipur: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बयानों, विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के खिलाफ हुए प्रदर्शन के मामले में पुलिस के 4 लोगों पर इनाम घोषित किए जाने के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मेहराज चौधरी ने उन्हें मिल रही कथित जान से मारने की धमकियों को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
प्रदर्शनकारियों पर इनाम, बेनीवाल ने उठाए सवाल
मदन राठौड़ के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में दर्ज FIR के आधार पर जांच चल रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। एक आरोपी पर 5 हजार रुपए और 3 दूसरे लोगों पर 2100-2100 रुपये के इनाम का ऐलान किया है।
इस कार्रवाई के बाद हनुमान बेनीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसे मामलों में इनाम घोषित करने की जरूरत क्यों पड़ी और क्या सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
मूर्खाधिराज टिप्पणी पर मचा है बवाल
गौरतलब है कि भैराणा धाम में संतों की महापंचायत में बेनीवाल के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर की गई मूर्खाधिराज की टिप्पणी की वजह से पिछले कुछ दिनों से मदन राठौड़ और हनुमान बेनीवाल के बीच बयानबाजी तेज है। मामला इतना बढ़ा कि हनुमान बेनीवाल ने मदन राठौड़ पर मानहानि का नोटिस जारी किया है। इस पर मदन राठौड़ ने कहा कि वो बेनीवाल की तरह नहीं है, बेनीवाल के स्तर पर वो नहीं आ सकते।
भाजपा प्रवक्ता मेहराज चौधरी को मिली धमकियां
इसी बीच भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मेहराज चौधरी ने दावा किया है कि एक राजनीतिक बयान के बाद उन्हें लगातार धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनका मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिया गया, जिसके बाद 200 से अधिक कॉल और कई आपत्तिजनक संदेश प्राप्त हुए। मेहराज चौधरी ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि स्थिति ऐसी हो गई है कि अब वे अनजान नंबरों से आने वाले कॉल भी रिसीव करने से बच रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि एक तरफ पुलिस कार्रवाई जारी है तो दूसरी तरफ विपक्षी दल और हनुमान बेनीवाल जैसे नेता सरकार के रुख पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
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