भैराणा धाम पर संतों के समर्थन में उतरे बेनीवाल, बीजेपी सरकार को सुना दी दो टूक

Jaipur: दूदू के भैराणा धाम में रीको की सड़क योजना के खिलाफ संतों का प्रदर्शन उग्र हो गया है। बीते दिन डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा की रात्रि चौपाल में संतों ने जो आक्रोश दिखाया था उससे ये मामला अब सियासी हलकों में गूंजने लगा है। अब इस मुद्दे पर हनुमान बेनीवाल ने एंट्री मार ली है। हनुमान बेनीवाल ने इस मामले में बीजेपी सरकार को घेरा है।
बीजेपी सरकार में साधुओं का कोई सम्मान नहीं- बेनीवाल
हनुमान बेनीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया कि जयपुर जिले की मौजमाबाद तहसील में स्थित भैराणा (बिचून) में दादूपालका भैराणा धाम में आंदोलित संतो के कल बोराज में रात्रि चौपाल में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को लताड़ना यह दर्शा रहा है कि सनातन के नाम पर वोट लेकर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा के शासन में साधु - संतो का कोई सम्मान नहीं है।
जयपुर जिले की मौजमाबाद तहसील में स्थित भैराणा (बिचून) में श्री दादूपालका भैराणा धाम में आंदोलित संतो द्वारा कल बोराज में रात्रि चौपाल में राजस्थान के उप - मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा को लताड़ना यह दर्शा रहा है कि सनातन के नाम पर वोट लेकर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा के शासन… pic.twitter.com/TuIAOC6lpU
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) May 7, 2026
बेनीवाल ने कहा कि साधु-संतों ने राजस्थान के डिप्टी सीएम को सार्वजनिक रूप से लताड़ा जाना केवल एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि सनातन आस्था और संत समाज के सम्मान से जुड़ा विषय है। भाजपा हर मंच से खुद को सनातन की सबसे बड़ी हितैषी बताती है, लेकिन जब संत समाज अपमानित महसूस करता है तब मुख्यमंत्री, पार्टी के बड़े नेता और मंत्री मौन क्यों हो जाते हैं? क्या भाजपा के लिए सनातन सिर्फ चुनावी नारा है?
आगे बेनीवाल ने कहा कि अगर संतों की बात भाजपा सरकार में नहीं सुनी जाएगी, तो फिर ‘सनातन रक्षा’ के दावे किसलिए? संत समाज का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पहले भाजपा के एक विधायक जो खुद संत है, उन्होंने भी इन आंदोलित संतो का अपमान किया। राजस्थान की जनता बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से पूछ रही है कि राजनीति से ऊपर उठकर भाजपा को अपनी दोगली नीति पर जवाब देना चाहिए।
क्या है भैराणा धाम का मामला?
दरअसल ये आक्रोश था भैराणा धाम में RIICO विस्तार को लेकर। यहां के बिचनू में रीको भगाओ, भैराणा धाम बचाओ का लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। संतों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है कि धार्मिक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार कैसे किया जा सकता है। ये साधु-संत भैराणा धाम को औद्योगिक प्रदूषण से बचाने के लिए धर्मयुद्ध लड़ रहे हैं। इतना ही नहीं 8 मई को ये 21 किलोमीटर की महापरिक्रमा पूरी करने के बाद 12 जगहों पर जिंदा समाधि लेने की तैयारी भी कर रहे हैं।
इससे जुड़ी पूरी खबर यहां पढ़ें- आखिर डिप्टी CM के सामने क्यों बिफर पड़े साधु-संत
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