भाड़े के टट्टू पर गर्माई सियासत, मदन राठौड़ की माफी पर अड़े हनुमान बेनीवाल

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर मची तकरार पर बीते दिन जयपुर में BJP और कांग्रेस ने एक-दूसरे के कार्यालय को घेरने के लिए मार्च किया था। लेकिन नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के इस मार्च में दिए एक बयान पर बिफर गए हैं। बेनीवाल ने सीधे मदन राठौड़ से मांफी मांगने की मांग कर दी है।
छात्रों के अधिकारों का अपमान- बेनीवाल
हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर मदन राठौड़ के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए लिखा कि-बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने हक की आवाज उठा रहे और आंदोलन कर रहे प्रदेश के युवाओं को 'भाड़े का टट्टू' और 'पत्थरबाज़' कहकर संबोधित किया है। बेनीवाल का आरोप है कि युवाओं के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर राजस्थान के युवा वर्ग, छात्रों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सरासर अपमान है। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष से इस बयान पर तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है।
क्या कहा था मदन राठौड़ ने?
भारत रफ्तार के इस सवाल पर कि दिल्ली में बच्चे नीट पेपर लीक पर सवाल उठा रहे थे उन पर लाठीचार्ज किया गया तो मदन राठौड़ ने कहा कि वो बच्चे नहीं थे, वो पत्थरफेंक थे, भाड़े के टट्टू थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया पूरा बैकग्राऊंड खंगाला गया, वो नीट के विद्यार्थी नहीं थे। उन्हें नीट का मतलब भी नहीं पता था। इससे ज्यादा घटिया काम क्या हो सकता है।
पहले भी काले झंडे वाले मामले में हुई थी तनातनी
दरअसल, राजस्थान में बीजेपी और आरएलपी के बीच पिछले कई दिनों से तीखी तनातनी चल रही है। डीडवाना-कुचामन में मदन राठौड़ के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने की घटना के बाद दोनों तरफ से जुबानी तीर चले हैं। मदन राठौड़ ने जहां RLP समर्थकों पर उकसाने के आरोप लगाए, वहीं अब उनके इस बयान को बेनीवाल ने सीधे राजस्थान के युवाओं के स्वाभिमान से जोड़ दिया।
इस लिंक को शेयर करें

