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रविंद्र भाटी गुर्जर या हाकिम बैंसला? जगन गुर्जर मामले में किसने बनाया दबाव कि मान ली गईं मांगें

रविंद्र भाटी गुर्जर या हाकिम बैंसला? जगन गुर्जर मामले में किसने बनाया दबाव कि मान ली गईं मांगें
राजस्थान
13 Jul 2026, 12:34 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Jagan Gurjar: धौलपुर के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर की हाईसिक्योरिटी जेल में मौत के बाद गुर्जर समाज में जबरदस्त उबाल आ गया था। समाज ने इस मामले में CBI जांच की मांग की थी और जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा के तौर पर दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की थी। इन मांगों को लेकर बीते दिन बाड़ी में जगन गुर्जर की 12वीं और रस्म और पगड़ी रस्म की बैठक हुई थी। ये महज एक बैठक नहीं बल्कि गुर्जरों की महापंचायत थी।

यूपी, एमपी के कोने-कोने से पहुंचे गुर्जर समाज के लोग

इस महापंचायत में जबरदस्त जनसैलाब उमड़ा था। भभूतिपुरा गांव के बाबू महाराज मंदिर पर आयोजित इस महापंचायत में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कोने-कोने से हजारों की संख्या में समाज के लोग पहुंचे थे। जनसैलाब का यह रौद्र रूप और सरकार के खिलाफ आक्रोश देखकर कल देर रात जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जब रात के अंधेरे में सैकड़ों आक्रोशित लोग बाड़ी की तरफ बढ़ने लगे, तो धौलपुर जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और एसपी विकास सांगवान को भारी पुलिस बल के साथ खुद गजपुरा चौराहे पर आकर मोर्चा संभालना पड़ा।

ये मांनी गईं मांगें

घंटों चली भारी खींचतान और तीखी बहस के बाद आखिरकार प्रशासन को घुटने टेकने पड़े और गुर्जर प्रतिनिधिमंडल के बीच 5 बड़ी मांगों पर लिखित सहमति बनी। इस समझौते के तहत-

-जगन गुर्जर को जेल पहुंचाने वाले बाड़ी कोतवाली थाना अधिकारी को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।

-अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जगन के भाई पप्पू गुर्जर को जल्द ही दौसा जेल में शिफ्ट किया जाएगा।

-परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने तुरंत प्रक्रिया शुरू कर दी है।

-मामले की न्यायिक जांच पूरी होते ही आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया है।

इस महापंचायत में प्रह्लाद खटाना, रामवीर पोसवाल और रविंद्र भाटी गुर्जर सहित समाज के तमाम बड़े चेहरों ने एक सुर में साफ कर दिया है कि ये जनसैलाब सिर्फ एक रस्म के लिए नहीं, बल्कि अपने समाज के व्यक्ति को न्याय दिलाने और बदला लेने के संकल्प के साथ इकट्ठा हुआ है।

‘न्याय का देवता’ कौन? हाकिम बैंसला या रविंद्र भाटी गुर्जर

इन मांगों के पूरा होने के बाद हाकिम बैंसला ने सभा में कहा कि आपकी उठाई हुई सभी मांगें पूरी कर दी गई हैं। ये मांगें तब पूरी हुई हैं जब उन्होंने शासन और प्रशासन पर ‘भारी दबाव’ बनाया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर अब लोग ये कमेंट्स कर रहे हैं कि जगन गुर्जर को न्याय दिलाने वाले रविंद्र भाटी गुर्जर हैं, ना कि हाकिम बैंसला। वहीं कई यूजर्स ये भी कह रहे हैं कि हाकिम बैंसला ने ही जब जगन गुर्जर को न्याय दिलाया है तो जगन गुर्जर को भारत रत्न देने की भी मांग आप कर देते,वो भी पूरी हो जाती।

सियासी जानकारों का कहना है कि ये स्थितियां इस तरफ इशारा कर रही हैं कि गुर्जरों को बड़ा नेता बनने की अब हर किसी में होड़ हो रही है। चाहे वो हाकिम बैंसला हों, रविंद्र भाटी गुर्जर हों या फिर कोई और। हालांकि जगन गुर्जर के मामले में सचिन पायलट और विजय बैंसला जैसे नेता दूर रहे हैं।

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