BJP ने मनाया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, मदन राठौड़ बोले- 'पाकिस्तान-बांग्लादेश में आज भी सताए जा रहे हिंदू'

Partition Horrors Remembrance Day: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर जयपुर शहर भाजपा की ओर से शुक्रवार को मानसरोवर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लाखों निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, त्याग और साहस को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम में जयपुर शहर भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन भारत के इतिहास की ऐसी त्रासदी है, जिसकी पीड़ा को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह हमारे इतिहास में काला अध्याय के नाम से दर्ज होगा।विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और असंख्य निर्दोष लोगों ने अपने प्राण गंवाए।
यह अर्पण- तर्पण की भूमि
“पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत की राष्ट्रभावना को शब्द देते हुए कहा था— भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है… यह अर्पण की भूमि है, यह तर्पण की भूमि है। आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर अटल जी की ये पंक्तियां हमें भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रभाव के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देती हैं।”
उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें उन पीड़ित परिवारों के संघर्ष और बलिदान को याद करने तथा आने वाली पीढ़ियों को इतिहास की सच्चाई से अवगत कराने का अवसर देता है।
14 अगस्त को भाग्य बदल गया
मुख्य वक्ता के रूप में श्री भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि हर साल 14 अगस्त को मनाया जाने वाला यह राष्ट्रीय स्मृति दिवस है। 14 अगस्त को देश का भूगोल और करोड़ों लोगों का भाग्य हमेशा के लिए बदल गया। यह मानव इतिहास के सबसे बड़े विस्थापनों में से एक था, जिसमें लगभग 1 से 2 करोड़ लोगों को रातों-रात अपना पुश्तैनी घर छोड़कर शरणार्थी बनना पड़ा। पाकिस्तान तथा बांग्लादेश में जो अल्पसंख्यक रह गए थे, उनके साथ बाद के वर्षों में हुई ज्यादतियां किसी से छिपी नहीं हैं।
पाकिस्तान-बांग्लादेश में अमानवीयता जारी
आज भी पाकिस्तान तथा बांग्लादेश में बहुत कम संख्या में बचे हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ ज्यादतियों की अमानवीयता जारी है- विभाजन का दंश जिन्हें सबसे ज्यादा झेलना पड़ा वह हैं महिलाएं। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाने का उद्देश्य अतीत की कड़वाहट को बढ़ावा देना या किसी के प्रति प्रतिशोध की भावना जगाना बिल्कुल नहीं है। बल्कि, इसका वास्तविक उद्देश्य इतिहास की गलतियों से सबक लेकर एक ऐसे मजबूत, एकजुट और संवेदनशील भारत का निर्माण करना है जहां दोबारा कभी नफरत इंसानियत पर हावी न हो सके। यह दिन हमें सिखाता है कि शांति और आपसी भाईचारा ही किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है।
ये नेता हुए शामिल
इस अवसर पर विस्थापित परिवारों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में जयपुर से राज्यसभा सांसद घन्यश्याम तिवाड़ी, जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा, भाजपा के वरिष्ठ नेता रवि नैय्यर, विधायक बालमुकुंद आचार्य, भाजपा के वरिष्ठ विधायक चंद्रमोहन बटवाडा, जयपुर ग्रेटर की निवर्तमान महापौर डॉ सौम्या गुर्जर, उप महापौर पुनीत कर्णावट, भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, जयपुर शहर भाजपा के महामंत्री रेखा राठौड़, राजेश तांबी एवं नवरत्न नाराणिया सहित सभी पार्षदगण एवं जयपुर शहर भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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