कैदी गंगासहाय की हत्या में बड़ा खुलासा..! पिता की मौत का बदला लेने के लिए सुपारी दी थी

जयपुर के धावास इलाके में खुली जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 2018 में हुई हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या का बदला लेने के लिए साजिश रची थी। महेंद्र के बेटे आयुष गुर्जर ने अपने ममेरे भाई कन्हैया लाल गुर्जर के साथ मिलकर योजना बनाई थी।
हमले से पहले की थी रैकी
पुलिस के अनुसार आयुष ने अपने पुराने किराएदार अमित राणा और सोनू रजक को 30 हजार रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। दोनों आरोपियों ने करीब 15 दिन तक गंगासहाय की गतिविधियों और उसके आने-जाने के रास्ते की रेकी की। इसके बाद बुधवार शाम करणी विहार के धावास में बाइक से जा रहे गंगासहाय पर स्कूटी सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
कैसे आए पकड़ में
वारदात के दौरान हमलावर हेलमेट पहने हुए थे। फायरिंग के बीच उनकी स्कूटी भी फिसल गई, लेकिन दोनों ने उठकर दोबारा गोली चलाई और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से स्कूटी का नंबर ट्रेस किया। वाहन अमित राणा के नाम से जुड़ा मिला, जिसके बाद पुलिस ने गुरुवार तड़के उसे मोतीडूंगरी के पास से दबोच लिया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर सोनू रजक और बाद में हथियार उपलब्ध कराने वाले कन्हैया लाल गुर्जर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक आयुष सुपारी देने के कुछ दिन बाद नेपाल भाग गया और अपना मोबाइल बंद कर दिया। उसकी तलाश जारी है।
क्यों की हत्या
गौरतलब है कि 2018 में जमीन विवाद को लेकर गंगासहाय और महेंद्र गुर्जर के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान गंगासहाय ने हथौड़े से हमला कर महेंद्र की हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। अच्छे बर्ताव के चलते उसे बाद में सांगानेर की खुली जेल में रखा गया था।
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