जयपुर नगर निगम में बीजेपी-कांग्रेस में टिकट के लिए मारामारी, पढ़ें यह रिपोर्ट

Jaipur Nagar Nigam Election: निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बड़े नेता धर्मसंकट में फंस गए है। बीजेपी में संगठन के जिन पदाधिकारियों पर चुनाव की रणनीति बनाने और जिताने की जिम्मेदारी है वे ही नेता टिकट की लाइन में लगे हैं। पार्टी में जिले से बूथ तक कार्यकर्ताओं की एक लंबी लिस्ट है। इनका बूथ मैनेजमेंट से लेकर चुनाव की रणनीति बनाने का है लेकिन ये सभी नेता खुद टिकट मांग रहे हैं।
यह स्थिति तो केवल जयपुर नगर निगम की है। जयपुर नगर निगम में इस बार 150 वार्ड है। ऐसे में इन नेताओं की दावेदारी के दो बड़े कारण सामने आए हैं। वार्डों की संख्या का कम होना और मेयर का पद अनारक्षित होना।
वार्डों की संख्या हुई कम
एक बड़ी समस्या यह भी है कि इस बार वार्डों की संख्या कम हो गई है। शायद इसलिए भी दावेदारों की संख्या ज्यादा लग रही है। इस बार जयपुर नगर निगम में केवल 150 वार्ड है। पिछले चुनाव में जयपुर नगर निगम में 250 वार्ड थे। जिसमें से 41 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित थे। ऐसे में कुछ नेताओं ने अपनी श्रीमतियों का मैदान में उतारा था। बीजेपी में टिकट को लेकर जबरदस्त मारामारी है। बीजेपी के जयपुर शहर में 33 मंडल अध्यक्ष हैं उनमें से 17 पार्षद का टिकट चाहते हैं। वहीं 150 वार्ड अध्यक्षों में से 62 टिकट मांग रहे हैं।
कांग्रेस में 18 ब्लॉक अध्यक्ष मांग रहे टिकट
वहीं बात करें कांग्रेस की तो इस बार 18 ब्लॉक अध्यक्षों में से 6 चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं 35 के करीब वार्ड अध्यक्ष भी टिकट की लाइन में है। ऐसे में लग रहा है कि इस बार बीजेपी और कांग्रेस में टिकट को लेकर काफी मारामारी रहने वाली है।
इसके अलावा पार्टी के कई पूर्व मेयर और पार्षद भी चुनाव लड़ने के लिए कतार में खड़े हैं। इनमें पुनीत कर्नावट, मनीष पारीक, कुसुम यादव, राखी राठौड़, विमल अग्रवाल, अशोक मित्तल, दिनेश कावंट सरीखे नेताओं के नाम शामिल हैं।
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