पैरामेडिकल एग्जाम में डमी कैंडिडेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार, पास कराने को साढ़े 5 लाख में सौदा

Jaipur: राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं जिससे सरकार की किरकरी तक हो रही है। अब जयपुर पुलिस ने पैरामेडिकल भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थियों के जरिए नकल कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह मोटी रकम लेकर असली अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा में बैठाता था और इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया जाता था।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की पहचान और दस्तावेजों को लेकर संदेह हुआ। जांच में बायोमेट्रिक, फोटो और दस्तावेजों का मिलान किया गया, जिसके बाद डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा देने की साजिश का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
5.50 लाख रुपये में तय हुआ सौदा
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में डमी, कॉलेज संचालक, HOD और लेक्चरर शामिल हैं। इन्होंने अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर 5.50 लाख रुपए वसूले थे। इसके बदले प्रशिक्षित डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और फर्जी पहचान पत्र उपलब्ध कराने का इंतजाम की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा क्या अन्य परीक्षाओं में भी इसी गिरोह की भूमिका रही है।
राजस्थान में फिर उठे परीक्षा सुरक्षा पर सवाल
राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट और नकल माफिया से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में पैरामेडिकल परीक्षा में सामने आए इस नए मामले ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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