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सरकारी अस्पताल में साइबर फ्रॉड: ANM के 70 हज़ार रुपये उड़ाए, डॉक्टर ने बिना वेरिफिकेशन दे दिया पूरा स्टाफ का डेटा

सरकारी अस्पताल में साइबर फ्रॉड: ANM के 70 हज़ार रुपये उड़ाए, डॉक्टर ने बिना वेरिफिकेशन दे दिया पूरा स्टाफ का डेटा
राजस्थान
15 Jul 2026, 08:40 pm
रिपोर्टर : Dushyant

Jaipur Cyber Fraud with ANM: झोटवाड़ा के हाथोज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में साइबर ठगों ने एक ANM को ठगी का शिकार बनाते हुए खाते से 70 हज़ार रुपये साफ़ कर लिए। ठगों ने अस्पताल की डॉक्टर की लापरवाही का फायदा उठाते हुए पूरे स्टाफ का डेटा हासिल किया और ANM कृष्णा यादव के साथ फ्रॉड कर लिया।

मामला 13 जुलाई का है। दोपहर करीब 1 बजे एक शातिर ठग ने डॉक्टर मीनाक्षी सिंह को फोन किया और खुद को कलक्ट्रेट का नायब तहसीलदार बताया। उसने अस्पताल की मरम्मत और इंस्पेक्शन का हवाला दिए और डॉक्टर से पूरे स्टाफ के नाम और मोबाइल नंबर ले लिए। इतना ही नहीं, डॉक्टर ने भी बिना कोई सवाल पूछे और और बिना वेरिफिकेशन किये फोन पर ही पूरे स्टाफ का डेटा दे भी दिया।

डेटा मिलते ही ठग ने ANM कृष्णा यादव को टारगेट किया। पहले उसने कृष्णा से अस्पताल के अंदर-बाहर के फोटो-वीडियो मांगे। जब कृष्णा को शक हुआ, तो उसने डॉक्टर से पूछा, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि अधिकारी मरम्मत का काम करा रहे हैं।

दोपहर तीन बजे ठग ने फिर फोन किया और कहा कि हेल्थ सेंटर में मरम्मत का काम करवाने के लिए पैसे भेजने हैं। तुम अपनी बैंक डिटेल्स दे दो, ताकि तुम्हारे खाते में 35-35 हज़ार रूपए डाल दूं। कृष्णा ने पहले तो सरकारी लेन-देन के लिए निजी खाता इस्तेमाल करने से मना कर दिया, लेकिन ठग धमकी दी कि इसकी शिकायत कलेक्टर को रिपोर्ट में कर दूंगा और तुम्हें सस्पेंड करवा दूंगा। डर के मारे कृष्णा ने बात मानते हुए अपनी अकाउंट डिटेल्स दे दी और ठग ने तुरंत ही उनके खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिए।

चोरी होते ही पीड़िता ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर दी। साइबर सेल ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए ठग के खाते में 59 हजार रुपये होल्ड करा दिए गए, जबकि आरोपी 11 हजार रुपये कैश निकालकर फरार हो गया।

जब डॉ. मीनाक्षी सिंह से मामले को लेकर पूछताछ की गयी, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह ANM का निजी मामला है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मैंने व्हाट्सएप ग्रुप पर स्टाफ को चेतावनी दी थी और ब्लॉक CMHO को सूचित किया था।

लेकिन अब डॉक्टर पर भी सवाल उठ रहे हैं कि ना तो उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज करवाई और न ही अपने सीनियर्स को इसको रिपोर्ट किया। साथ ही, CMHO का भी कहना है कि उन्हें इसकी कोई खबर नहीं दी गयी थी।

फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी को पकड़ने की कोशिश कर रही है।


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