जयपुर में जेडीए का बड़ा एक्शन! नंदपुरी बाईपास पर 134 निर्माण ध्वस्त, 5 धार्मिक स्थल भी गिराए

Nandpuri Bypass Demolition, Jaipur: जयपुर के ट्रैफिक जाम को ख़त्म करने और डेवलपमेंट के मास्टर प्लान को एक्शन में लाते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण ने नंदपुरी बाईपास से सटी रोड को चौड़ा करने के लिए सड़क के पास बने सभी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया है। जेडीए ने नंदपुरी बाईपास की रेलवे लाइन के समानांतर बनी सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के लिए कई बिल्डिंग्स और निर्माणों पर बुलडोज़र चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 134 अवैध निर्माणों को ज़मींदोज किया गया, जिनमें 5 धार्मिक स्थल भी शामिल हैं।
जेडीए के अधिकारियों का कहना है कि रोड पर बने निर्माण और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करने से पहले सभी पक्षों से बातचीत करके सहमति बनाई गयी थी। इतने के बाद भी सड़क पर 5 धार्मिक निर्माण ऐसे बीच में आ रहे थे, जिन्हें हटाए बिना सड़क चौड़ी करना संभव नहीं था। इन 5 संरचनाओं में नूरानी मस्ज़िद, एक मज़ार, दो मंदिर और एक सत्संग भवन शामिल हैं।
विभाग ने 22 मई को इन्हें नोटिस जारी कर अपने ढांचे और पवित्र विग्रह को स्थानांतरित करने के लिए समय दिया था। समय सीमा पूरी होने के बाद ही यह कार्यवाही की गयी है।
मौके पर सुरक्षा को पक्का रखते हुए 3000 पुलिस सैनिक मुस्तैद किये गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 1.5 किलोमीटर के पूरे रास्ते को लोहे के बैरिकेड से बंद किया गया, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति अन्दर आकर कोई दिक्कत खड़ी न कर सके। साथ ही, राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) की 12 कम्पनियां पूरे 1.5 किलोमीटर के रास्ते पर लगातार गश्त पर थी। हर मोड़ पर, हर कोने पर हथियारबंद जवान तैनात थे। आम नागरिकों, स्थानीय व्यक्तियों और गाड़ियों को आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। ड्रोन से पूरे इलाके में निगरानी रखी जा रही थी।
इतने के साथ ही, कोई सांप्रदायिक भावना के चलते नफरत फ़ैलाने या दंगे जैसी स्थिति न हो, इसके लिए पूरे जयपुर में इन्टरनेट बंद रखा गया। बिजली भी काट दी गयी ताकि इन्टरनेट का इस्तेमाल नहीं किया जा सके। साथ ही, इस इलाके में BNSS की धारा 163 लागू कर दी गयी है। बिना अनुमति के धरना, प्रदर्शन, रैली, मार्च निकालना आदि गैर-कानूनी घोषित कर दिए गए हैं। 22 जून तक एक स्थान पर 5 लोगों का इकठ्ठा होना भी बंद है।
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