Jaipur News: JDA के PRN जोन के भारी भ्रष्टाचार, पट्टा आवंटन में अनियमितता, सरकार को लगाया लाखों का चूना

JDA PRN zone corruption lease deed scam: जेडीए के पृथवीराज नगर जोन में पट्टा वितरण में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। जोन के डीसी दामोदर सिंह ने अकाउटेंट के साथ मिलकर पट्टा वितरण में जमकर भ्रष्टाचार किया। इसके बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए डीसी दामोदर सिंह को मंगलवार रात को एपीओ कर दिया। सूत्रों की मानें तो डीसी ने कॉमर्शियल पट्टा तो जारी किया लेकिन रेट रेजिडेंशियल की लगाई। ऐसे में सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हुआ।
नियमों के अनुसार पृथवीराज नगर में किसी व्यक्ति और संस्था के पास अगर 1000 वर्ग गज से अधिक जमीन है तो पट्टा जारी करते समय डेढ गुणा राशि ली जाती है। लेकिन लेखाकार ने मिलीभगत करके सिंगल राशि के चालान कुछ लोगों को जारी कर दिए।
पृथवीराज नगर जोन में 80 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर कॉमर्शियल रेट में पट्टा जारी किया जाता है लेकिन लेखाकार ने डीसी से मिलीभगत करके कॉमर्शियल की जगह पर आवासीय रेट पर पट्टे आवंटित किए। इसके अलावा कुछ लोगों को ब्याज दर में छूट भी नहीं दी, जबकि नियमानुसार शहरी सेवा शिविर में पट्टा जारी करने को जेडीए ने ही ब्याज में छूट देने की बात कही थी।
डीसी दामोदर सिंह और अकाउटेंट ने ऐसे किया भ्रष्टाचार
मामला नम्बर 1
पृथवीराज नगर जोन में रहने वाली उषा मीणा को 887.96 वर्ग गज के प्लॉट के लिए कॉमर्शियल पट्टा जारी किया गया है। नियमों के अनुसार उषा मीणा से लगभग 40 लाख रुपये जमा कराए जाने थे। लेकिन अकाउटेंट ने उषा मीणा से 17 लाख 94 हजार 705 रुपये लिए। ऐसे में सरकार को करीब 23 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ।
मामला नंबर 2
पृथवीराज नगर जोन में रहने वाले विष्णु कुमार गुप्ता को 444.44 वर्ग गज के प्लॉट के लिए कॉमर्शियल पट्टा जारी किया। विष्णु कुमार ने इसके लिए 15 लाख 93 हजार 575 रुपये जमा कराए। जबकि नियमानुसार विष्णु गुप्ता को 19 लाख 99 हजार 980 रुपये जमा कराने थे। लेकिन डीसी और लेखाकार ने मिलीभगत करके 4 लाख 6 हजार 405 रुपये का गबन कर लिया।
मामला नंबर 3
पृथवीराज नगर जोन में ही रहने वाली सुनीता दामिनी को 500 वर्ग गज के प्लॉट के लिए कॉमर्शियल पट्टा जारी किया। इसके लिए सुनीता दामिनी ने 28 लाख 59 हजार 730 रुपये जमा कराए।
अब इन तीनों मामलों की तुलना करें तो जहां उषा मीणा से 887.96 वर्ग गज के प्लॉट के लिए केवल 17 लाख 94 हजार रुपये और विष्णु कुमार गुप्ता से 444.44 वर्ग गज के प्लॉट के लिए 15 लाख 93 हजार 575 रुपये लिए गए जबकि सुनीता दामिनी से केवल 500 वर्ग गज के प्लॉट के लिए 28 लाख 59 हजार रुपये ले लिए। ऐसे में सवाल यह उठता है कि प्लॉट की साइज बड़ी होने के बावजूद उषा मीणा और विष्णु कुमार गुप्ता से इतने कम पैसे कैसे लिए। जबकि दोनों प्लॉट कॉमर्शियल श्रेणी के है।
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