नीट पेपर लीक पर पहली बार राजस्थान के मंत्री ने मानी सरकार की गलती! जानें क्या कहा?

नीट पेपर लीक मामले में पूरे देश में राजस्थान की छवि खराब हुई उस पर अभी तक सरकार डिफेंडिंग मोड में है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर समेत कई नेताओं ने तो ये कह दिया था कि नीट पेपर लीक का राजस्थान से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन अब सरकार के ही UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मीडिया के सामने आकर सरकार की गलती को स्वीकार किया है।
क्या कहा झाबर सिंह खर्रा ने?
बीकानेर में सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार की SOG ने खुलासे किए। जिसके बाद जांच CBI को दी गई। दोनों ही मिलकर अब आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा रहे हैं। सरकार को किसी भी तरह का पेपर लीक ना हो, इसके लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल पर काम कर रही है। इससे युवाओं और देश की जनता का भरोसा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर फिर स्थापित हो सकेगा।
केंद्र और राज्य दोनों की तरफ से मांगी माफी
खर्रा ने कहा कि नीट परीक्षा लीक मामला पूरे देश के प्रशासनिक और एग्जाम रेगुलेटरी सिस्टम फेल था। जिन पर परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने की जिम्मेदारी दी गई थी वो ही आस्तीन का सांप निकल गए। सिस्टम के भीतर ही बैठकर उन्होंने पेपर लीक जैसा घिनौना खेल खेला। इस पेपर लीक से जिन युवाओं और अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को जो मानसिक कुठाराघात पहुंचा है, एक जिम्मेदार पद पर होने के नाते वे केंद्र और राज्य सरकार, दोनों की तरफ से माफी मांगते हैं।
नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
बता दें कि दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर रिएग्जाम ऑनलाइन कराने की याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नीट का पेपर ऑफलाइन मोड में ही होगा। याचिका में इस पेपर को ऑनलाइन कराने की मांग की गई थी। हालांकि अगले साल से NTA नीट परीक्षा ऑनलाइन मोड में ही कराएगा। कोर्ट में इस पर NTA ने हलफनामा भी दायर किया है।
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