सवाई माधोपुर 30 करोड़ की सड़क 30 दिन में खराब, देखने पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा

सिर्फ 30 दिन में सड़क का डामर उखड़ने लगा। हर जगह गड्ढे ही गड्ढे हो गए जिससे कई गंभीर सवाल उठ खड़े हो गए, मामला बढ़ा तो राजस्थान में विकास कार्यों की हकीकत जानने खुद मौके पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पहुंच गए। तो गांव वालों ने उन्हें सड़क दिखाई, नहरों की बदहाली बताई और सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी उन्हें परेशानी से राहत क्यों नहीं मिल रही है?
किरोड़ी लाल मीणा के जिले का मामला?
दरअसल ये मामला सवाई माधोपुर जिले के भाड़ौती और मखौली क्षेत्र का है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से भाड़ौती से मखौली तक सड़क बन रही है। लेकिन सड़क पर डामर डालने के महज 30 दिन बाद ही कई जगह डामर उखड़ गया और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए।
गांव वालों ने ये भी कहा कि पिछले कई महीनों से काम भी बंद पड़ा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सड़क निर्माण में जो सामान इस्तेमाल हुआ है क्या उसकी क्वालिटी की जांच नहीं हुई? और अगर सड़क समय से पहले खराब हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? गांव वालों की बात सुनने के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने PWD के सहायक अभियंता को निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाने को कहा और खराब हिस्सों को जल्द दुरुस्त कराने का भी निर्देश दिया।
21 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत की नहर भी जर्जर
तो अब देखना होगा कि विभाग इन निर्देशों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों की जांच होती है या नहीं। सिर्फ सड़क ही नहीं, ढील बांध की नहरों को लेकर भी ग्रामीणों ने शिकायत की है। आरोप है कि करीब 21 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से नहरों के पक्के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के बावजूद कई जगह दरारें आ गई हैं।
साल 2019 की इस परियोजना का जो उद्देश्य है वो 43 किलोमीटर लंबी नहर के जरिए 36 गांवों की करीब 6 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना था। ग्रामीणों ने नहरों की सफाई, माइनर नहरों की चौड़ाई और गहराई बढ़ाने के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग की जिसके बाद मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहरों की सफाई, जरूरी सुधार और किसानों की आवाजाही के लिए नहर के दोनों ओर कच्ची सड़क बनाने के निर्देश भी दिए हैं।
अब सवाल साफ है- करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़क और नहरों में खामियों की शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं? क्या संबंधित विभाग गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारी तय करेंगे? फिलहाल, ग्रामीणों को इंतजार है किरोड़ी लाल मीणा का डंडा इन अधिकारियों पर चलेगा तो काम भी सही और तय समय पर होगा। अब ये होता है या नहीं...ये समय आने पर ही चलेगा।
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