होम/rajasthan/kirodi-lal-meena-surprise-inspection-fake-fertilizer-potaash-warehouse-jaipur-vki

जयपुर में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने 3 फर्टिलाइजर गोदामों का किया निरीक्षण, बोले- 'नमक से बन रहा था पोटाश, किसानों से धोखा बर्दाश्त नहीं'

जयपुर में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने 3 फर्टिलाइजर गोदामों का किया निरीक्षण, बोले- 'नमक से बन रहा था पोटाश, किसानों से धोखा बर्दाश्त नहीं'
राजस्थान
21 Jun 2026, 11:39 am
रिपोर्टर : Rakesh Choudhary

Kirodi Lal Meena surprise inspection Jaipur: राजस्थान सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों के साथ छल-कपट करने वाले किसी भी व्यक्ति, संस्था या कंपनी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी संकल्प के तहत कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI) में संचालित कई फर्टिलाइजर एवं कृषि उत्पाद इकाइयों पर औचक निरीक्षण कर नकली एवं अवैध कृषि उत्पादों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया।

निरीक्षण के दौरान 3 स्थानों पर बिना अनुमति बायो स्टिमुलेंट, बायो फर्टिलाइजर एवं नकली पोटाश का निर्माण और भंडारण पाया गया। एक इकाई में नमक से म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) तैयार कर किसानों को बेचने का गंभीर मामला सामने आया। वहीं कई उत्पादों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि एवं आवश्यक मानकों का FCO 1985 के मापदंडों के अनुसार उल्लेख नहीं पाया गया, फिर भी उन्हें ऊंचे दामों पर किसानों को बेचा जा रहा था।

खाद्यान्न की गुणवत्ता प्रभावित होती है

कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने कहा कि नकली एवं घटिया कृषि उत्पाद न केवल किसानों की मेहनत और आय को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि भूमि की उर्वरता को भी समाप्त कर देते हैं। ऐसे उत्पादों के उपयोग से खाद्यान्न की गुणवत्ता प्रभावित होती है और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की जमीन, फसल और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।

सील इकाई को खुलवाया

कृषि मंत्री ने VKI क्षेत्र में नंदी फर्टिलाइजर्स की सील इकाई को खुलवाया। इसे कृषि विभाग की टीम ने मालिक के नहीं आने पर आज ही सील किया था। कृषि मंत्री ने यहां तैयार हो रहे म्यूरेट ऑफ पोटाश को देखा तो इसके नमक से बनाए जाने का खुलासा हुआ। बताया गया कि यहां नमक के अपशिष्ट से म्यूरेट ऑफ पोटाश बनाया जा रहा था। कृषि मंत्री ने इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा बताया। उन्होंने रोड नंबर 7 पर समृद्धि सर्विसेज नामक एक C एंड F गोदाम पर भी छापा मारा, जहां बिना अनुमति बायो स्टीमूलेंट की सप्लाई की जा रही थी। जबकि राजस्थान में बायो स्टीमूलेंट की बिक्री पर पूरी तरह रोक है। चित्तारी एग्री केयर नामक कंपनी पर भी बिना अनुमति बायो स्टीमूलेंट और अन्य उत्पाद पाये गए।

यहां C एंड F फर्टिलाइजर गोदाम पर तरल एवं किण्वित ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर पाया गया, जो कि लाइसेंस में सम्मिलित नहीं था। इसकी भारत सरकार से प्रति टन 1500 रुपए की सब्सिडी भी अनाधिकृत तरीके से लिए जाने के मामले में अधिकारी जांच कर रहे हैं।

कानूनी कार्रवाई के निर्देश

डॉ. मीणा ने अधिकारियों को संदिग्ध इकाइयों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने, सैंपल जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे प्रदेश में संचालित ऐसे गोदामों एवं इकाइयों की व्यापक जांच के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है और किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले तत्वों के खिलाफ यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा। राजस्थान के अन्नदाताओं के अधिकारों और हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2026 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.