कोटा कांग्रेस की नई टीम में हिस्ट्रीशीटर देवा गुर्जर को मिली जगह, अभी जेल में बंद, पूर्व मंत्री का करीबी होने का मिला फायदा

Kota Congress new team: निकाय चुनाव की घोषणा से पहले बीजेपी और कांग्रेस संगठन की सर्जरी में जुटे हैं। इसी क्रम में आज कांग्रेस ने कोटा की नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने गोविंद सिंह डोटासरा से सलाह-मशविरा के बाद नई टीम की घोषणा की। इस कार्यकारिणी की खास बात यह है कि इसमें एक नेता तो फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उन्हें भी उपाध्यक्ष बना दिया गया है। कार्यकारिणी की खास बात यह है कि दिग्गज नेता अपने-अपने खेमे से जुड़े कार्यकर्ताओं को शामिल करवाने में सफल रहे।
कोटा की नई-नवेली कार्यकारिणी में देवा गुर्जर को उपाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि देवा पर फिलहाल राजकार्य में बाधा पहुंचाने और वन विभाग की टीम पर हमला करने का आरोप है और इसी कारण वह जेल में भी बंद है। वह रानपुर थाने का मोस्ट वांटेड रह चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं की कमी है, या उन्हें नेताओं की सार्वजनिक छवि से कोई मतलब नहीं है। सच्चाई तो यह है कि पार्टी में ऐसे ढेरो कार्यकर्ता हैं जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन इन कार्यकर्ताओं को नहीं पता कि पीसीसी में तो सिर्फ सिफारिश और पैसा चलता है। पीसीसी तो दागदार नेताओं को ही कार्यकारिणी में शामिल करना चाहती है।
प्रहलाद गुंजल का करीबी भी शामिल
देवा के अलावा पूर्व पार्षद बलविंदर सिंह बिल्लू को भी महासचिव बनाया गया है। बिल्लू मौजूदा कार्यकारिणी में भी उपाध्यक्ष था। बिल्लू के खिलाफ भी कई धाराओं में मामला दर्ज है। बिल्लू पूर्व बीजेपी नेता और वर्तमान में कांग्रेस में शामिल हुए प्रहलाद गंुजल का करीबी है। वह भी पहले बीजेपी में ही था, जब गुंजल कांग्रेस में गए तो वह भी उनके साथ कांग्रेस में चला गया। वहीं जिले की कमान राखी गौतम को सौंपी गई है। इसके अलावा 5 उपाध्यक्ष, 7 महासचिव, 15 सचिव, एक-एक कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी बनाए गए हैं।
वहीं दागी नेताओं को कार्यकारिणी में जगह मिलने पर राखी गौतम से जब सवाल-जवाब किए तो उन्होंने बताया कि दोनों को बड़े नेताओं की सिफारिश पर टीम में जगह मिली है।
इस लिंक को शेयर करें

