‘राजनीति के लिए कलंक हैं बेनीवाल’, मदन राठौड़ बोल- इनकी मंशा तो मेरी हत्या करने की

Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत में इन दिनों सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बने बेनीवाल और मदन राठौड़ के मामले में रोज वार-पलटवार हो रहे हैं। अब RLP के कुचामन सिटी-डीडवाना में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ काफिले में घुसना और काले झंडे दिखाने के मामले में मदन राठौड़ ने प्रेस कांफ्रेंस कर काफी कुछ कहा जो सियासत को और ज्यादा गर्मा सकती है।
‘मैंने गलती की तो कोर्ट में जाओ ना’
RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल पर मदन राठौड़ ने कहा कि वो ऐसे नेता हैं जो युवाओं-बच्चों को भड़काते हैं। मैं उनको बताऊंगा कि पानी पर सोया कैसे जाता है, मुझे भी बोलना आता है। हनुमान बेनीवाल स्वतंत्र हैं, उन्हें जहां जाना हैं जाएं। अगर मैंने कुछ गलत काम किया हैं तो आप जाइये उसे लेकर कोर्ट में। ऐसे लोग जो ये शब्दावली बिगाड़ देते हैं, वो राजनीति के लिए कलंक हैं। राजनीति का शुद्धीकरण करने की जरूरत हैं। ऐसे लोगों को समझने की जरूरत हैं, हम किससे प्रेरणा लें।
मिलो तो कम से कम नजर मिलाने के काबिल तो रहो
मदन राठौड़ ने कहा कि राजनीति में विरोध करो लेकिन शब्द चयन ऐसे करो कि जब सामने मिलो तो नमस्ते तो कर सको। आंखें मिलाने के लायक तो रहो। लोकतंत्र में सफलता तभी है जब विपक्ष हो लेकिन गरीमा के साथ हो, शब्दों का चयन ठीक से करो।
मदन राठौड़ ने बेनीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि वो सदन में खड़े होकर कहते हैं कि बिजली का बिल मत भरो, मीटर रीडर आए तो पीटकर भगा दो, इन बातों से क्या मैसेज सरकार को दे रहे हैं, समाज को क्या दिशा दे रहे हैं ये। युवा पीढ़ी को बर्बाद करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
‘इनकी मंशा मेरी हत्या करने की थी’
मदन राठौड़ ने कहा कि मैं मेरी पार्टी के कार्यक्रम में जा रहा हूं, तो भी मेरा विरोध कर रहे हैं, क्यों मेरा घेराव करने की बात आई। मैं तो खुद उतरकर उनका ज्ञापन लेने को भी तैयार था लेकिन उन्होंने मेरी गाड़ी पर डंडे बरसाए, तो इनकी मंशा तो मेरी हत्या की थी, तो मैं गाड़ी से क्यों उतरता। जैसी उन्होंने शिक्षा दी उनके कार्यकर्ता गोली भी चला सकते थे। कोई भी घटिया हरकत करे तो क्या मुझे भी इतने निचले स्तर पर गिर सकता हूं क्या, मैं ऐसा नहीं कर सकता हूं, मेरी पार्टी के संस्कार हैं, पार्टी ऐसी हरकतें नहीं करती हैं। मैं ऐसे हल्के शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकता।
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डीडवाना में मदन राठौड़ की गाड़ी पर बरसाए थे डंडे
29 मई को मदन राठौड़ कुचामन सिटी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम में पहुंचने से पहले ही उनके काफिले के सामने RLP के कार्यकर्ता सुरक्षा चक्र भेदते हुए आ गए और उन्हें काले झंडे दिखाने लगे। इस दौरान पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के भी हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने आनन-फानन इन लोगों को पकड़ा तो कार्यकर्ताओं ने मदन राठौड़ की भगवा रंग की EV पर पोस्टर के डंडे बरसाने शुरू कर दिए। जैसे तैसे पुलिस ने 8 लोगों को हिरासत में लिया।
SP, तहसीलदार का ट्रांसफर अब SHO को भी हटाया
हिरासत में लिए गए RLP कार्यकर्ताओं को थाने में चाय पिलाने का वीडियो वायरल हुआ। जिसने सियासत में एक और नई बहस छेड़ दी कि पुलिस में RLP का इतना खौफ है कि वो उन्हें कुर्सी पर बिठाकर चाय पिला रहे हैं। इसके बाद डीडवाना-कुचामन SP ज्ञानचंद यादव और तहसीलदार कैलाश ईनाणिया का ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद आज रविवार को फिर कुचामन SHO सतपाल सिंह सांगवा तो भी सस्पेंड कर दिया गया।
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