पाली बूथ एजेंट आत्महत्या मामला: बूथ पर धमकी के बाद फंदे पर झूला एजेंट

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान संपन्न तो हो गया, लेकिन इस मतदान के साथ ही लोकतंत्र के इस पर्व पर एक खौफनाक और दर्दनाक साया मंडरा गया।
एक तरफ जयपुर, झुंझुनू और पुष्कर जैसे इलाकों में सुबह से ही EVM खराबी और मतदाताओं के हंगामे की खबरें आती रहीं, वहीं दूसरी तरफ पाली जिले से आई एक खबर ने पूरे प्रदेश को सन्न कर दिया।
ड्यूटी पर तैनात एक बूथ एजेंट मतदान केंद्र से सीधा अपने घर जाता है और फांसी लगाकर जान दे देता है। आरोप है कि उसे बूथ पर ही धमकाया गया था। घटना पाली जिले के फालना की है। वार्ड संख्या 21 स्थित पीएमश्री स्कूल में चुनाव का माहौल था।
कांग्रेस प्रत्याशी रवि के लिए बूथ एजेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे दिनेश (पुत्र पन्नालाल) सुबह से अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल क्या होने वाला है।
अचानक दिनेश मतदान केंद्र छोड़कर अपने घर पहुंचते हैं और कमरा बंद कर फंदे से लटक जाते हैं। जब तक परिजनों और आसपास के लोगों को भनक लगती, दिनेश की सांसें थम चुकी थीं। आखिर मतदान केंद्र पर ऐसा क्या हुआ कि एक इंसान को इतना खौफनाक कदम उठाना पड़ा?
कांग्रेस के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ का सीधा आरोप है कि दिनेश को बूथ पर ही बुरी तरह धमकाया गया था। उसी मानसिक दबाव और आघात में आकर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
इस घटना की खबर मिलते ही इलाके में गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सडकों पर उतरकर रास्ता जाम कर दिया और सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही फालना थानाधिकारी पन्नालाल भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर रास्ता खुलवाया और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दिनेश को मिली धमकी के आरोपों की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है। सवाल बहुत बड़ा है… क्या लोकतंत्र के इस चुनाव में किसी की जान की कोई कीमत नहीं? आखिर दिनेश को किसने और क्यों धमकाया?
कंटेंट- नवीन
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