पचपदरा रिफाइनरी में पीएम मोदी के प्लांटेशन पर सियासत गरमाई, पीपल के पौधे को खेजड़ी का बताया, बेनीवाल-कांग्रेस हमलावर

Peepal tree Khejri controversy: पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बालोतरा के पचपदरा में रिफाइनरी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के लोगों को 1.06 लाख करोड़ की सौगात दी जिसमें कई योजनाओं का लोकार्पण भी शामिल था। इस दौरान पीएम ने रिफाइनरी परिसर में वृक्षारोपण भी किया। जिसको लेकर पीएम के एक्स अकाउंट से ट्वीट किया गया था। अब इसको लेकर विवाद हो गया। दरअसल पीएम के एक्स अकाउंट पर लिखा गया कि 'बालोतरा के पचपदरा में एक पेड़ मां के नाम अभियान में खेजड़ी का पौधा लगाने का सौभाग्य मिला'। जबकि तस्वीरों में नजर आ रहा था कि वह खेजड़ी नहीं बल्कि पीपल का पौधा था। इस मानवीय चूक के बाद प्रदेश में सियासत उबल गई। एक तरह विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है जबकि सरकार फिलहाल इस पर खामोश है।
एक्स पर हुई इस गलती को बाद में पीएम ने अपने भाषण में भी दोहराया। पीएम ने कहा कि 'आज मुझे एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत खेजड़ी का पौधा लगाने का सौभाग्य मिला...मैं जानता हूं राजस्थान में खेजड़ी का क्या महत्व है...' इसके बाद सोशल मीडिया पर पीएम के ट्वीट पर विपक्ष की जमकर प्रतिक्रियाएं सामने आई है।
बेनीवाल ने साधा निशाना
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लिखा मैं प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि आज आप राजस्थान के पचपदरा आए, वृक्षारोपण भी किया, क्या आपकी सरकार ने खेजड़ी की नई किस्म का आविष्कार किया है या फिर राजस्थान के मुख्यमंत्री ने पीपल को खेजड़ी बताकर आपसे वृक्षारोपण करवा दिया? वहीं कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने लिखा जो अपनी संस्कृति और पंरपराओं में पूजनीय पीपल और खेजड़ी के वृक्ष की सही पहचान नहीं कर पा रहे हैं वे संस्कृति की रक्षा के बड़े बड़े दावे कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी क्या ये पौधा आपकी नजर में खेजड़ी है?
इधर बीजेपी ने इस पूरे मामले को लेकर चुप्पी साध ली है। सूत्रों की मानें तो पूरा मामला पीएम और उनके भाषण तथा सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ा है। ऐसे में पार्टी का कोई भी नेता और प्रवक्ता इस मामले पर खुलकर बोलने से बच रहा है।
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