जयपुर में उर्जा मंत्री के कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल, 5 मिनट बाद बहाल हुई आपूर्ति, जानें कब-कब सरकारी कार्यक्रम में कट हुई बिजली

Rajasthan power outage news: राजस्थान में सरकारी कार्यक्रम के दौरान बिजली कटना अब आम बात हो गई है। ताजा मामला आज का है। जयपुर में आज बिजली मंत्री हीरालाल नागर आरई-बीईएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान जैसे ही मंत्री मंच पर पहुंचे, होटल में बिजली गुल हो गई। ऐसे में करीब 5 मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई। गौरतलब है कि वर्तमान भजनलाल सरकार में ऐसे कई मौके आए जब सरकारी कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल हुई। ऐसे में सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कब-कब बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
पहला मामला जुलाई 2024 का है। जुलाई 2024 में अजमेर में जवाहर रंगमंच पर आयोजित एक राजकीय कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल हो गई थी। जब बिजली गुल हुई उस समय सीएम भजनलाल शर्मा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। बिजली कटने के बाद कार्यक्रम में मौजूद संभागीय आयुक्त, कलेक्टर, आईजी समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी असमंजस में पड़ गए। इसके बाद इसी कार्यक्रम में जब आईजी का संबोधन हो रहा था उस समय भी बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर विपक्ष ने सरकार की जमकर आलोचना की थी।
दूसरा मामला विधानसभा के बजट सत्र के समय का है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भी सदन की बिजली कुछ सैकंड के लिए गुल हो गई थी। इस दौरान विपक्ष के नेता टीकाराम जुली ने उर्जा मंत्री हीरालाल नागर पर निशाना साधते हुए बिजली की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
तीसरा मामला इसी साल जून का है। जून में पीएम मोदी के बतौर प्रधानमंत्री 12 साल पूरे होने पर बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव मीडिया के सामने सरकार की उपलब्ध्यिां गिना रहे थे। तभी अचानक बिजली गुल हो गई। करीब 15 मिनट के बाद जब बिजली वापस आई तो वैष्णव ने मीडिया को दोबारा संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उर्जा मंत्री हीरालाला नागर भी मंच पर मौजूद थे। मामले में उर्जा मंत्री ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर डिस्कॉम के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई थी। वहीं मंत्री के निर्देश के कार्रवाई करते हुए डिस्कॉम के एमडी ने लापरवाही के आरोप में सहायक अभियंता समेत दो कर्मचारियों को सस्पेंड किया था। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता को कारण बताओ नोटिस भी दिया था।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि सरकारी कार्यक्रमों के दौरान पूरे प्रोटोकॉल के बावजूद अगर बिजली गुल हो जाती है तो प्रदेश में बिजली व्यवस्था का क्या हाल होगा। वहीं बैठे-बैठाए विपक्ष को सरकार को घेरने का मुद्दा मिल जाता है।
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