माफी के लायक नहीं ये कांड! इतना मामला उछलने के बाद भी नहीं बचा पाए जान, बीकानेर के PBM अस्पताल में भर्ती प्रसूता की मौत

Bikaner PBM Hospital Pregnant Woman Death: पिछले दिनों कोटा के बाद बीकानेर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PBM से 6 प्रसूताओं की किडनी खराब होने का मामला इतना जोर पकड़ा था कि ऐसे लगा था कि अब शायद इस मामले में संवेदनशीलता बरती जाएगी और यहां की प्रसूताओं का अच्छा इलाज कर उन्हें बचा लिया जाएगा। लेकिन ये संवदेनहीनता और बेशर्मी की हद है कि उन प्रसूताओं में से एक की शुक्रवार को मौत हो गई है। महिला की किडनी फेल होने के बाद उसके मल्टीपल ऑर्गन फेल हो गए थे और उसकी जान चली गई। मृतका का नाम प्रीति है जिसकी उम्र महज 20 साल की थी। प्रीति की ही तबियत सबसे पहले अस्पताल में खराब हुई थी जिसके बाद एक के बाद एक 6 महिलाओं की हालत गंभीर हो गई थी।
6 महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ी थी
PBM अस्पताल के जनाना वार्ड में प्रीति समेत इन 6 महिलाओं की कुछ दिन पहले सिजेरियन डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ गई थी। इन सभी की किडनी खराब हो गई थी। जिसके बाद इन्हें ICU में भर्ती कराया गया था। क्योंकि इससे थोड़े दिन पहले ही कोटा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल कोटा मेडिकल कॉलेज से भी ऐसा ही मामला सामने आया था। जिसमें 6 महिलाओं की मौत तक हो गई थी। बावजूद इसके प्रशासन ने इनके इलाज में इतनी लापरवाही बरती।
प्रीति समेत इन 6 महिलाओं में यूरिन रुकना, प्लेटलेट्स गिरना जैसे गंभीर बीमारी हो गई थी। 2 दिन पहले इनमें से एक प्रसूता को हालत में सुधार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। बाकि एक एक वेंटिलेटर पर थी और 2 ICU में भर्ती थीं। डॉक्टर्स उनकी जान बचाने में जुटे हैं। लेकिन प्रीति की जान जाने का मामला अब इसे और संवेदनशील और गंभीर बना दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री खींवसर के बयान की हुई थी आलोचना
इतने गंभीर मामले के सामने आने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर PBM अस्पताल के दौरे पर आए थे। जब यहां पर उनसे मीडिया ने इन महिलाओं को लेकर तीखे सवाल किए थे, तो वो भड़क गए थे और प्रिंसिपल को खड़ा कराकर पूछने लगे कि इन्हें बताइये जरा गर्भवती चलकर आई थीं कि नाचते हुए आई थीं।
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