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राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले, UCC ड्राफ्ट को मिली मंजूरी, खेजड़ी समेत 29 पेड़ों को काटने पर बैन, लिव इन और एक से ज्यादा शादी पर रोक

राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले, UCC ड्राफ्ट को मिली मंजूरी, खेजड़ी समेत 29 पेड़ों को काटने पर बैन, लिव इन और एक से ज्यादा शादी पर रोक
राजस्थान
13 Aug 2026, 06:09 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आगामी पंचायत और निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले गुरुवार को कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी। इनमें राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक-2026 का प्रारूप, राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन विधेयक, सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में दो साल की सेवा अवधि में छूट और 35 शहीद सैनिकों के आश्रित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने का फैसला शामिल है।

कैबिनेट मीटिंग के बाद अब सदन में पेश होगा बिल

कैबिनेट से मंजूरी के बाद UCC और ट्री प्रोटेक्शन से जुड़े विधेयक को 20 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों के लिए समान और व्यवस्थित कानूनी ढांचा तैयार करना है।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कानून में विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से संबंधित नियमों को एक समान कानूनी ढांचे में लाने का प्रावधान है। इस कानून के तहत एक से अधिक विवाह यानी बहुविवाह पर रोक का प्रस्ताव है। वहीं अलग-अलग धर्मों और समुदायों को अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों के मुताबिक शादी की आजादी रहेगी।

UCC के प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार कानून लागू होने के बाद होने वाले विवाहों का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। तलाक के पंजीकरण का भी प्रावधान रखा गया है।

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी प्रस्तावित कानून में अलग प्रावधान हैं। लिव-इन संबंध शुरू होने और समाप्त होने की सूचना या पंजीकरण की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

29 पेड़ों के कटने पर रोक

कैबिनेट मीटिंग में खेजड़ी समेत 29 पेड़ों की कटाई पर रोक का फैसला लिया गया है। इस बिल का नाम द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल 2026 है। इसके तहत राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरौंजी सहित कुल 29 अहम वृक्ष प्रजातियों के संवर्धन और संरक्षण को विशेष बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा पेड़ कटाई का दोष पाए जाने पर एक साल का कारावास या 1 लाख रुपए का जुर्माने या दोनों का प्रावधान किया गया है।

वहीं राजस्थान सेवा नियम, 1951 में कर्मचारी कल्याण के लिए महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई है। इसके तहत-

1-राजपत्रित पद पर प्रशिक्षण के दौरान या दो वर्ष में पद त्यागने पर केवल प्रशिक्षण व्यय की वसूली होगी, वेतन-भत्तों की नहीं।

2-राज्य/केंद्र सरकार के विभागों या उपक्रमों में नई नियुक्ति पर प्रशिक्षण व्यय एवं वेतन-भत्तों की वसूली नहीं होगी।

3-एकल महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव एक वर्ष में 3 के बजाय 6 चरणों में लेने की सुविधा।

4-सरोगेसी के मामलों में सरोगेट मदर को 180 दिन एवं कमीशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा।


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