राजस्थान में किस जाति की कितनी आबादी? OBC आयोग के चौंकाने वाले आंकड़े! टॉप 5 में जाट और गुर्जर

राजस्थान में अगले साल होने वाली जातिगत जनगणना से पहले ही OBC की जातिगत आबादी को लेकर बड़े आंकड़े सामने आए हैं। पंचायत और निकाय चुनाव के लिए जारी ओबीसी आरक्षण आयोग की रिपोर्ट में 92 OBC जातियों की गणना की गई है। इसमें 5 MBC जातियां भी शामिल हैं। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में इन 92 जातियों की कुल आबादी करीब 3 करोड़ 58 लाख है।
7 जातियों की आबादी OBC वर्ग में सबसे ज्यादा
आयोग ने 74 लाख से ज्यादा OBC परिवारों का सर्वे करने के बाद ये आंकड़े जुटाए हैं। अब बात करते हैं उन सात जातियों की, जिनकी आबादी OBC वर्ग में सबसे ज्यादा बताई गई है। तो इनमें सबसे ऊपर हैं जाट। राजस्थान में जाटों की आबादी 71 लाख 76 हजार बताई गई है। दूसरे नंबर पर गुर्जर हैं, जिनकी आबादी 32 लाख 68 हजार बताई गई है। तीसरे नंबर पर कुम्हार-कुमावत हैं। इनकी आबादी 29 लाख 97 हजार बताई गई है। चौथे नंबर पर माली-सैनी हैं, जिनकी आबादी 27 लाख 97 हजार है। पांचवें नंबर पर जांगिड़, छठे नंबर पर यादव और सातवें नंबर पर मेव हैं। यानी OBC की कुल 3.58 करोड़ आबादी में करीब 1.97 करोड़ लोग इन 7 जातियों से हैं।
OBC में पुरुष 52.23% और महिलाएं 47.76%
अब इस रिपोर्ट में सिर्फ आबादी के आंकड़े ही नहीं हैं। इसमें OBC वर्ग की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे गए हैं। इसके मुताबिक OBC आबादी में पुरुषों की हिस्सेदारी 52.23 फीसदी है, जबकि महिलाओं की हिस्सेदारी 47.76 फीसदी बताई गई है।
3.58 करोड़ OBC में 3.92 लाख लोगों की सरकारी नौकरी
अब आते हैं सरकारी नौकरियों पर। रिपोर्ट के मुताबिक OBC वर्ग के करीब 3 लाख 92 हजार सरकारी कर्मचारी हैं। इन सरकारी कर्मचारियों में करीब 78 फीसदी हिस्सेदारी 4 जातियों की बताई गई है—ये हैं जाट, गुर्जर, सैनी और यादव।
5 MBC जातियों की भी OBC में गिनती
एक और अहम बात, आयोग ने गुर्जर समेत पांच MBC जातियों को भी OBC के साथ गिनती में शामिल किया है। इनमें गुर्जर, बंजारा/बाल्दिया/लबाना, गाड़िया लुहार, रेबारी/रायका/देवासी और गडरिया यानी गाडरी शामिल हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या सरकार इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करेगी? 5 अगस्त को OBC राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को यह रिपोर्ट सौंपी थी। विपक्षी नेता, जिनमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल हैं, रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार आने वाले दिनों में रिपोर्ट सार्वजनिक कर सकती है। लेकिन यहां ध्यान दीजिए कि ये आंकड़े अगले साल होने वाली आधिकारिक जातिगत जनगणना से पहले सामने आए हैं। यानी अभी इन आंकड़ों की तुलना आधिकारिक जातिगत जनगणना के आंकड़ों से नहीं हुई है।
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