महेश जोशी को हाईकोर्ट ने न्यायिक राहत से किया इनकार, बेटे की याचिका खारिज

Rajasthan JJM Scam: जल जीवन मिशन में 2000 करोड़ का भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने महेश जोशी को न्यायिक राहत देने से इनकार किया है। हाईकोर्ट ने महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी की अवैध गिरफ्तारी की याचिका दायर खारिज कर दी है।
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को कर दिया खारिज
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के जज अशोक कुमार जैन और उमाशंकर व्यास ने रोहित जोशी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज करते हुए ये आदेश दिए। राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद सहित अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी ने अपना पक्ष रखा वहीं एडवोकेट अमन अग्रवाल,नेहा गोयल ने अपना पक्ष रखा।
ACB 22 अधिकारियों के खिलाफ कर रही जांच
गौरतलब है कि ACB ने इस मामले में पूर्व मंत्री सहित 22 अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें PHED विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, वित्तीय सलाहकार और मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी भी इसी मामले में हुई है। ॉ
ये है जल जीवन मिशन का मामला
ये मामला केंद्र सरकार की ‘जल जीवन मिशन’ (Jal Jivan Mission) योजना से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में हर घर तक नल से पानी पहुंचाना था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ निजी कंपनियों ने फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल किए थे। एक कंपनी गणपति ट्यूबवेल को करीब 859 करोड़ रुपए के टेंडर मिले। दूसरी कंपनी श्री श्याम ट्यूबवेल को लगभग 120 करोड़ रुपए दिए गए। टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और मिलीभगत के आरोप लगे हैं। सुराग मिला है कि महेश जोशी ने अपने कार्यकाल के दौरान इन कंपनी को फर्जी तरीके से टेंडर दिलाने के लिए रिश्वत ली थी।
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