निकाय चुनाव के लिए बीजेपी ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक, कांग्रेस में 50 प्रतिशत टिकट युवाओं को

निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी चुनावी मोड में आ गई है। बीजेपी ने 10 नगर निगमों में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए है। सबसे खास बात यह है कि ये पर्यवेक्षक टिकट मांग रहे नेताओं का फीडबैक प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति के सामने रखेंगे। सभी नगर निगमों में एक-एक मंत्री को भी लगाया गया है। इसके अलावा संगठन के कामों में दक्ष और कई वरिष्ठ विधायकों को भी पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया है। लिस्ट में राजेंद्र राठौड़, राजेंद्र गहलोत, ओंकार सिंह लखावत, देवजी पटेल, सीआर चौधरी, कैलाश चौधरी जैसे पूर्व मंत्री और सांसदों को जगह दी गई है। ताकि टिकट दावेदारों की जमीनी हकीकत पता चल सके।
पार्टी की कोशिश है कि सभी बड़े क्षत्रपों को मनाकर सही उम्मीदवार को टिकट दिया जाए ताकि चुनाव में जीत हासिल की जा सके। इसके अलावा नाराज नेताओं को मनाना भी पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी होगी इसलिए अनुभवी नेताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश संगठन के सूत्रों की मानें तो जल्द ही प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति का गठन किया जाएगा। ताकि पर्यवेक्षक, स्थानीय बीजेपी इकाई और सर्वे में सामने आए उम्मीदवारों के नाम पर मंथन किया जा सके।
बीजेपी में उम्मीदवारों को चार स्तरों पर परखा जाएगा।
सर्वे रिपोर्ट
बीजेपी की जिला इकाई की रिपोर्ट
पर्यवेक्षक की रिपोर्ट
इन तीनों की रिपोर्ट के आधार पर हर वार्ड में से तीन उम्मीदवारों के नाम फाइनल किए जाएंगे। इसके बाद प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति में तीन नामों पर चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस का युवाओं पर फोकस
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी पूरे जोर-शोर से चुनाव की तैयारियों में जुटी है। कुछ दिनों पहले पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने एक क्यूआर कोड जारी किया जिस पर इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर रहे हैं। इन आवेदनों को जिला कांग्रेस कमेटियों को भेजा जा रहा है जहां पर इन आवेदनों की स्क्रूटनी की जा रही है। इसके साथ ही कांग्रेस ने तय किया है कि इस बार 50 प्रतिशत टिकट युवाओं को दिए जाएंगे ऐसे में जिला स्तर पर पंचायत चुनाव कार्यबल की कमेटी बनाई ये इकाई युवाओं से संपर्क साध रही है। यूथ कांग्रेस की ओर से फिलहाल सभी जिलों में टीमों की तैनाती की गई है ताकि सही उम्मीदवारों का चुनाव किया जा सके।
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