'चुनाव में देरी के लिए सरकार जिम्मेदार...', हाईकोर्ट में वीसी के जरिए पेश हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की सफाई

Rajasthan local body elections: प्रदेश में निकाय चुनाव में देरी के लिए प्रदेश की सरकार जिम्मेदार है। हाईकोर्ट में राजस्थान के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि निकाय और पंचायती राज संस्थानों में एससी, एसटी और महिला आरक्षण तय किए बिना चुनाव नहीं हो सकते। आरक्षण की लॉटरी निकालना पंचायती राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग का काम है। इसको लेकर हमने 6 चिट्ठियां लिखी हैं। ये बातें राजेश्वर सिंह ने अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान कही।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह गुरुवार को वीसी के जरिए पेश हुए। इस दौरान उन्होंने आयोग के बचाव में तर्क देते हुए कहा कि आयोग तो दो दिन में घोषणा करने को तैयार है लेकिन उसे सरकार ने आरक्षण तय करके नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा कि आयोग पूरी तरह तैयार है। हमने वोटर लिस्ट तैयार कर ली है। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से ईवीएम की व्यवस्था भी कर ली है। एससी, एसटी और महिलाओं को आरक्षण देना हमारी कानूनी और संवैधानिक बाध्यता है।
20 जुलाई को बताइए कब कराएंगे चुनाव?
राजेश्वर सिंह ने कहा कि ओबीसी आयोग 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा और उसके बाद आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद आरक्षण का काम किया जाएगा। जोकि 21 अगस्त तक चलेगा। बता दें कि सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब हमने 31 जुलाई तक चुनाव करवाने का आदेश दिया था तो फिर 14 अगस्त तक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट कहां से लाए? कोर्ट ने कहा कि जब 20 जुलाई को अगली सुनवाई हो तो हमें जुलाई की तारीख चाहिए हम 14 अगस्त तक का इंतजार नहीं कर सकते।
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