राजस्थान निकाय चुनाव: डिप्टी मेयर से उपाध्यक्ष के चुनाव पर कई जगह सियासी घमासान, अलवर में आमने-सामने बीजेपी-कांग्रेस

राजस्थान के नगर निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष पदों के चुनाव के बाद अब सत्ता की दूसरी कमान तय हो रही है। मंगलवार को प्रदेश के निकायों में डिप्टी मेयर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव हो रहा है। सुबह 10 बजे से चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई, 11 बजे तक नामांकन लिए गए और 11:30 बजे नामांकन पत्रों की जांच हुई। दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी हुई। एक से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में रहने पर दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक मतदान हो रहा है और इसके तुरंत बाद मतगणना की जाएगी।
301 निकायों में दूसरी कमान
अध्यक्ष पदों के चुनाव के बाद अब इन निकायों में उपाध्यक्षीय पदों का फैसला होना है। 7 नगर निगमों में डिप्टी मेयर, 47 नगर परिषदों में उपसभापति और 251 नगर पालिकाओं में उपाध्यक्ष के पदों पर चुनाव की प्रक्रिया है।
हालांकि जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम और सुकेत नगरपालिका का उपाध्यक्षीय चुनाव अलग कार्यक्रम के तहत होगा। इन 4 निकायों में पुनर्मतदान के कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव 25 और 26 सितंबर को कराए जाएंगे।
कोटकासिम में निर्विरोध चुने गए उपाध्यक्ष
मंगलवार दोपहर तक सामने आई सबसे अहम जानकारी खैरथल जिले की कोटकासिम नगरपालिका से है। यहां निर्दलीय पार्षद चौधरी पवन फलसवाल को निर्विरोध उपाध्यक्ष घोषित किया गया है। उपाध्यक्ष पद के लिए उनके अलावा किसी दूसरे प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया।
अलवर में BJP-कांग्रेस आमने-सामने
अलवर नगर निगम में उपमहापौर पद के लिए बीजेपी से अजय पुनिया और कांग्रेस से ममता सैनी ने नामांकन दाखिल किया है। यहां दोनों प्रमुख दलों के बीच सीधा मुकाबला है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान और मतगणना से नतीजा साफ होगा।
अलवर में मेयर की कुर्सी बीजेपी के खाते में जाने के बाद अब निगाहें उपमहापौर के चुनाव पर हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि मेयर चुनाव के दौरान बने राजनीतिक समीकरण दूसरी कमान के चुनाव में भी कायम रहते हैं या नहीं।
शाहपुरा में निर्दलीय प्रत्याशी पर BJP का दांव
जयपुर जिले के शाहपुरा नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए कांग्रेस ने रेखा रामावतार गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि बीजेपी ने निर्दलीय पार्षद पूजा मितेश मंगल को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां बीजेपी का दांव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी ने सीधे अपने पार्षद के बजाय निर्दलीय पार्षद को समर्थन दिया है।
झालावाड़ में BJP-कांग्रेस का मुकाबला
झालावाड़ नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए कांग्रेस से फारूक अहमदऔर बीजेपी की से राजेंद्र सुमन ने नामांकन दाखिल किया है। यहां भी मुकाबला दोनों प्रमुख दलों के बीच है।
नीमकाथाना में भी आमने-सामने मुकाबला
नीमकाथाना में उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के जेपी यादव और बीजेपी के इंद्राज सैनी ने नामांकन दाखिल किया है। यहां भी मतदान के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी।
नैनवां और केशवरायपाटन में निर्दलीय बन सकते हैं गेमचेंजर
नैनवां नगरपालिका में उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की नसीम बानो और बीजेपी की नीतू मारवाड़ा और अखिलेश उपाध्याय मैदान में हैं। यहां निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
वहीं केशवरायपाटन नगरपालिका में स्थिति और दिलचस्प है। यहां उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 6 नामांकन हुए हैं। बीजेपी की राजवीनता के अलावा 4 निर्दलीय प्रत्याशी—मदन पचेरवाल, आदर्श मालवीय, ईशा काहलिया और मधु नागर—मैदान में हैं। कांग्रेस से कोई नामांकन नहीं हुआ है। ऐसे में यहां मुकाबला बीजेपी और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच है।
आबूरोड में पहले ही दिखा था अंदरूनी विवाद का असर
आबूरोड नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग सामने आई थी। अब उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के ही दो प्रत्याशियों के नामांकन किए जाने से पार्टी के भीतर खींचतान की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यहां आज का चुनाव खास तौर पर निगाहों में है।
बांसवाड़ा और सिरोही में भी मुकाबला
बांसवाड़ा नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए बीजेपी के चंकी शाह और कांग्रेस के फखरुद्दीन रतलाम वाला ने नामांकन दाखिल किया है।
वहीं सिरोही जिले के निकायों में भी उपाध्यक्ष पदों के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिंडवाड़ा नगरपालिका में कांग्रेस से अजरूद्दीन मेमन ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि शिवगंज नगरपालिका में बीजेपी से कंचन सोलंकी ने नामांकन किया है।
बालोतरा में सभापति के बाद अब उपसभापति पर नजर
बालोतरा नगर परिषद में बीजेपी के योगेश गहलोत सभापति चुने जा चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस की अंकिता को पांच वोट से हराया था। अब 22 सितंबर को उपसभापति का चुनाव होना है। परिषद के 55 वार्डों में बीजेपी के 29, कांग्रेस के 23 और तीन निर्दलीय पार्षद हैं।
असली खेल निर्दलीयों और क्रॉस वोटिंग का
अध्यक्ष पदों के चुनाव में कई जगह पार्टी के पार्षदों की संख्या और अध्यक्ष को मिले वोटों में बड़ा अंतर देखने को मिला। अजमेर, पाली और दूसरे निकायों में क्रॉस वोटिंग की चर्चा रही। अब उपाध्यक्षीय चुनाव में भी निर्दलीय और बागी पार्षद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
दरअसल राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में दल-बदल विरोधी कानून लागू नहीं होने के कारण पार्षदों का व्यक्तिगत मतदान महत्वपूर्ण हो जाता है। यही वजह है कि पार्टियां अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी और फ्लोर मैनेजमेंट कर रही हैं।
फिलहाल दोपहर तक उपलब्ध अपडेट में कोटकासिम का उपाध्यक्ष निर्विरोध चुना जा चुका है, जबकि ज्यादातर निकायों में नामांकन और मतदान की प्रक्रिया जारी है। शाम 5 बजे मतदान खत्म होने के बाद मतगणना के साथ डिप्टी मेयर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों की तस्वीर साफ होगी।
इस लिंक को शेयर करें

