Rajasthan Panchayat Election 2026: कहीं EVM खराब कहीं चुनाव का बहिष्कार, ड्यूटी छोड़ खाना खाने गए कर्मचारी सस्पेंड

Rajasthan Panchayat Elections 2026: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार, 28 अक्टूबर को 22 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हो रहा है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से EVM में तकनीकी खराबी, चुनाव बहिष्कार और कर्मचारियों के विरोध की खबरें सामने आई हैं। झालावाड़ में मतदान केंद्र छोड़कर भोजन करने गए चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि अजमेर और दौसा में ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मतदान के बहिष्कार का ऐलान किया।
झालावाड़ में ड्यूटी छोड़ खाना खाने गए 4 कर्मचारी सस्पेंड
झालावाड़ जिले के झालरापाटन क्षेत्र की ग्राम पंचायत सलोतिया में निर्वाचन ड्यूटी के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां मतदान दल संख्या 619 में नियुक्त 4 कर्मचारी बिना परमिशन के मतदान केंद्र छोड़कर एक शख्स के घर पर और मंदिर में खाना खाने चले गए थे।
जब इस बात का पता रिटर्निंग अधिकारी को लगा तो जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचित किया। इसके बाद जिला कलेक्टर ने राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत कार्रवाई की और चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबित कर्मचारियों में अध्यापक गुलाबचंद मीणा, प्रबोधक प्रदीप सिंह, वन रक्षक संजय कुमार और व्याख्याता बागाराम चौधरी शामिल हैं। निलंबन के दौरान उनके मुख्यालय भी निर्धारित किए गए हैं।
EVM खराब होने से कई जगह मतदान प्रभावित
जोधपुर में तिंवरी पंचायत समिति के दो मतदान केंद्रों पर EVM में खराबी के चलते प्रभावित हुआ। अजमेर के लॉ कॉलेज स्थित बूथ संख्या 57 और 58 पर EVM में तकनीकी खराबी के चलते 30 मिनट मतदान रुका रहा।
झुंझुनूं में सिंघाना पंचायत समिति के मुरादपुर गांव में बूथ संख्या 71 पर पहली वोटिंग के बाद EVM में खराबी आ गई। डूंगरपुर में पंचायत समिति के बिलड़ी स्कूल स्थित बूथ संख्या 41 पर EVM खराब होने से शुरुआती करीब 35 से 40 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा।
अजमेर और दौसा में चुनाव बहिष्कार
अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र के पाटन गांव में ग्रामीणों ने ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर पंचायत चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया। ग्रामीणों का कहना है कि पाटन चौराहे पर ओवरब्रिज नहीं होने के कारण सड़क हादसों का खतरा बना रहता है और इस मांग को लंबे समय से उठाया जा रहा है।
वहीं, दौसा जिले के महवा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पीपलखेड़ा के करणपुर गांव में परिसीमन के विरोध में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। ग्रामीणों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि परिसीमन के दौरान करणपुर गांव को ग्राम पंचायत पाटोली से हटाकर पीपलखेड़ा में शामिल कर दिया गया।
चुनाव प्रशिक्षण में कर्मचारियों का भोजन-नाश्ते का बहिष्कार
पंचायत चुनाव के बीच सरकारी कर्मचारियों का विरोध भी सामने आया है। राजस्थान कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर चुनाव प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने भोजन और नाश्ते का बहिष्कार कर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने ‘समर्पित उपार्जित अवकाश’ के बकाया भुगतान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वैधानिक बकाया का जल्द निस्तारण करने की मांग उठाई। इनमें GPF, SI, ग्रेच्युटी, पेंशन जैसे भुगतान शामिल हैं। कोटपुतली-बहरोड़ में भी चुनाव प्रशिक्षण और ड्यूटी के दौरान उपवास रखकर विरोध किए जाने की खबर सामने आई है।
इस लिंक को शेयर करें

