राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: आरक्षण लॉटरी शुरू, SC-ST-OBC की कितनी सीटें? जानिए पूरा गणित

Jaipur: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर आज 23 सितंबर को आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। जिला मुख्यालयों पर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और पंचायत समिति प्रधान पदों का आरक्षण तय किया जा रहा है। इसके बाद 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी होगी।
इस प्रक्रिया के साथ प्रदेश में पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हजारों दावेदारों की सीट को लेकर तस्वीर साफ होगी। इस बार 1403 जिला परिषद सदस्य, 8245 पंचायत समिति सदस्य और 457 पंचायत समिति प्रधान पदों के लिए आरक्षण निर्धारित किया जा रहा है। वहीं प्रदेश में 14,403 सरपंच और 1,30,589 वार्ड पंच पदों के लिए भी चुनाव होना है।
457 प्रधान पदों में SC, ST और OBC का कितना कोटा?
457 पंचायत समिति प्रधान पदों में—
SC के लिए 79 पद
ST के लिए 93 पद
OBC के लिए 56 पद
अनारक्षित या ओपन के लिए 229 पद रखे जाने का प्रावधान सामने आया है। इसमें भी 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
इस तरह SC, ST और OBC के कुल 228 पद आरक्षित होते हैं, जबकि शेष 229 पद अनारक्षित श्रेणी में आते हैं।
जिला परिषद की 1403 सीटों में आरक्षण का आंकड़ा
राजस्थान की 1403 जिला परिषद सदस्य सीटों के लिए ओबीसी आयोग की सिफारिश में—
SC – 232 सीटें
ST – 257 सीटें
OBC – 192 सीटें
अन्य या अनारक्षित – 722 सीटें का आंकड़ा सामने आया है। ये आंकड़ा आयोग की सिफारिश और आरक्षण प्रक्रिया से जुड़ा है। आज की जिला स्तर की लॉटरी में सीटों का वार्डवार आवंटन तय किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण
पंचायती राज संस्थाओं में सभी प्रमुख श्रेणियों में 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। यानी SC, ST, OBC और सामान्य श्रेणी के आरक्षित या अनारक्षित पदों में भी महिला आरक्षण का प्रावधान लागू होगा। प्रदेश में पंचायत चुनाव के तहत करीब 1.55 लाख पदों पर प्रतिनिधियों का चुनाव होना है और इनमें 77 हजार से ज्यादा पद महिलाओं के हिस्से में जाने की बात सामने आई है।
41 जिला प्रमुख पदों की लॉटरी पहले ही हो चुकी
पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया में 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों की लॉटरी 13 अगस्त को ही पूरी हो चुकी है। इसमें—
OBC – 5 जिला प्रमुख पद
SC – 8 पद
ST – 7 पद
सामान्य महिला – 11 पद
अनारक्षित – 10 पद रखे गए हैं।
जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण
OBC के लिए 5: ब्यावर और सीकर में OBC महिला पद शामिल हैं। बाकी OBC श्रेणी के पदों का निर्धारण संबंधित आरक्षण सूची के मुताबिक है।
SC के लिए 8: दौसा, भरतपुर, टोंक और धौलपुर में SC महिला जिला प्रमुख पद आरक्षित हुए हैं।
ST के लिए 7: सलूम्बर, प्रतापगढ़ और अलवर में ST महिला जिला प्रमुख पद आरक्षित हुए हैं।
सामान्य महिला के लिए 11: चूरू, अजमेर, झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़, हनुमानगढ़, डीग, श्रीगंगानगर, झालावाड़, फलोदी, बीकानेर और कोटा।
अनारक्षित 10: बारां, बाड़मेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, करौली, कोटपूतली-बहरोड़, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर।
जयपुर में 57 जिला परिषद वार्डों का आरक्षण तय
आज की लॉटरी में जयपुर जिले की तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो गई है। जयपुर जिला परिषद के 57 वार्डों में—
SC – 10 वार्ड
ST – 8 वार्ड
OBC – 10 वार्ड
सामान्य – 29 वार्ड रखे गए हैं।
जयपुर जिला परिषद के आरक्षित वार्ड
SC के 10 वार्ड: वार्ड 13, 24, 29, 40 SC सामान्य और 23, 27, 32, 36, 42 SC महिला।
ST के 8 वार्ड: वार्ड 37, 38, 49, 50 ST सामान्य और 41, 44, 46, 47 ST महिला।
OBC के 10 वार्ड: वार्ड 21, 22, 45, 56, 57 OBC सामान्य और 1, 8, 10, 43, 51 OBC महिला।
सामान्य के 29 वार्ड: इनमें 14 सामान्य महिला- वार्ड 2, 5, 6, 9, 11, 15, 17, 19, 20, 25, 26, 31, 39 और 53- जबकि 15 वार्ड सामान्य श्रेणी के लिए हैं।
जयपुर में 22 प्रधान और 386 पंचायत समिति सदस्य
जयपुर जिले में आज 22 पंचायत समितियों के प्रधान और 386 पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण भी तय किया जा रहा है। जिले में कुल 597 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों के सरपंच और 5,931 वार्ड पंचों के पदों की आरक्षण लॉटरी 24 सितंबर को होगी।
24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी
आरक्षण प्रक्रिया का अगला बड़ा चरण 24 सितंबर को होगा। इस दिन संबंधित उपखंड अधिकारी मुख्यालयों पर सरपंच और वार्ड पंचों के पदों की लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर भी ये साफ हो जाएगा कि कौन सी सीट SC, ST, OBC, महिला या सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है।
आरक्षण रोटेशन से बदलेगा कई दावेदारों का समीकरण
इस बार आरक्षण का निर्धारण रोटेशन व्यवस्था के आधार पर किया जा रहा है। इसलिए पिछली बार किसी वर्ग के लिए आरक्षित रही सीट इस बार उसी वर्ग के लिए आरक्षित रहे, यह जरूरी नहीं है। इसी तरह पिछली बार सामान्य रही सीट इस बार आरक्षित वर्ग में जा सकती है।
इसके अलावा इस बार परिसीमन के बाद पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में कई क्षेत्रों के वार्ड और पंचायत की सीमाओं में बदलाव हुआ है। आरक्षण की नई व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी समीकरण भी नए सिरे से तय होंगे।
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