राजस्थान पुलिस महकमे में अब इस्तेमाल नहीं होगा दलित शब्द, मुख्यालय ने जारी किए सख्त आदेश

Rajasthan Police Ban Dalit word: राजस्थान के थानों में अब दलित शब्द का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार पुलिस बेड़े के प्रशासनिक कामकाज, अधिकारिक जांच रिपोर्ट और थानों के रिकॉर्ड्स में अब इस शब्द का उपयोग नहीं किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक विविध प्रकोष्ठ ज्ञानचंद्र यादव के द्वारा जारी आदेश के अनुसार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के 07 फरवरी 2018 को जारी आदेशानुसार अब थानों और प्रशासनिक कामकाज में दलित शब्द का उपयोग पूर्णतः वर्जित रहेगा।
विविध प्रकोष्ठ और एससी द्वारा जारी आदेश में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में की गई टिप्पणियों का हवाला दिया गया है। नए सर्कुलर के तहत बदलाव की प्रक्रिया केवल साधारण पत्राचार तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे दस्तावेजों को नए सिरे से अपडेट किया जाएगा। आदेश के अनुसार विभागीय अभिलेखों, विभिन्न फॉर्म नंबरों, मानपत्रों और व्यावसायिक प्रमाण पत्रों के लिए अब सामान्य कार्यवाही में दलित के स्थान पर अनुसूचित जाति शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में इसका केवल अंग्रेजी अनुवाद में काम में लाया जाएगा।
सभी थानों में पालना कराने के निर्देश
आदेश की पालना के लिए राजस्थान पुलिस के तमाम शीर्ष अधिकारियों और फील्ड कमानों को आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसमें समस्त डीजीपी पुलिस एवं पुलिस आयुक्त जयपुर और जोधपुर के साथ-साथ सभी जिलों के एसपी को भी अमल में लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि ये सभी अधिकारी अपने अधीन आने वाले थानों और कार्यालयों में इसकी पालना सुनिश्चित करेंगे।
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