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जांच में फेल हो गईं 10 दवाइयां, हर घर में होती हैं इस्तेमाल, बाजार से तुरंत हटाने का निर्देश

जांच में फेल हो गईं 10 दवाइयां, हर घर में होती हैं इस्तेमाल, बाजार से तुरंत हटाने का निर्देश
राजस्थान
20 May 2026, 12:42 pm
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Jaipur: राजस्थान के औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में ऐसी दवाओं का क्वालिटी टेस्ट कराया जो लगभग हर घर में इस्तेमाल होती हैं। लेकिन 10 दवाओं के सैंपल टेस्ट में फेल हो गए जिसके बाद बड़ा स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया गया है। इन दवाओं में आम संक्रमण, बुखार, एलर्जी, दर्द और पेट से जुड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती हैं। जांच में ये पाया गया कि कुछ दवाओं में प्रभावकारी तत्व की मात्रा निर्धारित मानकों से कम थी या वे IP/USP मानकों के मुताबिक नहीं थीं, जिससे उनकी सुरक्षा और प्रभाव पर सवाल उठते हैं।

बाजार से तुरंत हटाने का निर्देश

औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने कहा कि संबंधित बैच के स्टॉक को बाजार से तुरंत हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं और दवा विक्रेताओं और ऑब्सर्वर्स को भी इन दवाओं की बिक्री रोकने का आदेश जारी किया गया है। अधिकारियों ने चेताया है कि क्वालिटी टेस्ट में फेल दवाओं का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

ये दवाएं टेस्ट में फेल

1-सेफपोडॉक्सिम प्रोक्सेटिल टैबलेट 200mg (वीटी-241139)- ENT संक्रमण, श्वसन तंत्र संक्रमण, न्यूमोनिया के इलाज में

2-सिप्रोफ्लोक्सासिन टैबलेट 500mg- पेट और आंतों के संक्रमण के इलाज में, डायरिया, टायफाइड, हड्डी-जोड़ों के संक्रमण के लिए

3-डेक्सामेथासोन सोडियम इंजेक्शन 10ml- गंभीर सूजन, सांस की बीमारियों जैसे अस्थमा, गठिया के इलाज में

4-रोसुवास्टेटिन-एस्पिरिन-क्लोपिडोग्रेल कैप्सूल- त्वचा और आंख के इलाज में, अर्थराइटिस के इलाज में

5-लिवोसेट्रीजिन टैबलेट- बहती नाक, आंखों में पानी का इलाज, छींक आने, त्वचा पर खुजली के इलाज में

6- ओफ्लॉक्सासिन एवं ऑर्निडाजोल – डायरिया और पेचिश के इलाज में

7- निमेसुलाइड एवं पैरासिटामोल टैबलेट- शरीर का दर्द और बुखार के इलाज में

8- बेथानेकोल क्लोराइड टैबलेटयूएसपी 25 एमजी- सर्जरी, प्रसव (डिलीवरी),वाले यूरिनरी रिटेंशन (पेशाब रुकना) के इलाज में

9- जैस्मिन मेहंदी फास्ट कोन – मेहंदी में तुरंत रंग लाने के लिए हानिकारक PPD और पिकरिक एसिड मिलाया जा रहा था

10- डेक्सामेथासोन इंजेक्शन आइपी 8 एमजी 2 एमएल- गंभीर सूजन, ऑटो-इम्यून बीमारियों, एलर्जिक रिएक्शन, सांस की बीमारी के इलाज में

गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल अप्रैल में राजस्थान के औषधि विभाग ने 1 से 15 अप्रैल तक की जांच में 7 दवाओं को “मानक के अनुरूप नहीं” (NSQ) घोषित किया था और उन्हें बाजार से वापस हटाने के आदेश दिए थे, जो इस समस्या की गंभीरता को और उजागर करता है।


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