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SI री-एग्जाम पर फिर क्यों उठे सवाल? पेपर कठिन होने का आरोप, अभ्यर्थी बोले- दोबारा कराओ परीक्षा

SI री-एग्जाम पर फिर क्यों उठे सवाल? पेपर कठिन होने का आरोप, अभ्यर्थी बोले- दोबारा कराओ परीक्षा
राजस्थान
29 Sept 2026, 05:01 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

जयपुर। राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के बाद रद्द की गई परीक्षा का री-एग्जाम 20 सितंबर 2026 को कराया गया, लेकिन अब इसी रिएग्जाम के प्रश्नपत्र को लेकर अभ्यर्थी विरोध में उतर आए हैं। जयपुर के शहीद स्मारक पर 29 सितंबर को अभ्यर्थियों का धरना चल रहा है। उनकी मुख्य मांग है कि 20 सितंबर को हुई री-एग्जाम परीक्षा को फिर से कराया जाए।

आखिर अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा क्यों चाहते हैं?

अभ्यर्थियों की आपत्ति परीक्षा कराने को लेकर नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र के स्तर और पैटर्न को लेकर है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि 20 सितंबर का पेपर पिछले निर्धारित ट्रेंड और परीक्षा पैटर्न से काफी अलग था। उनका कहना है कि पेपर इतना कठिन था कि दो घंटे में पूरा पेपर सॉल्व करना मुश्किल था।

उनका कहना है कि जब भर्ती पहले ही पेपर लीक और अनियमितताओं के चलते दोबारा कराई जा रही है, तो री-एग्जाम में अभ्यर्थियों को उनके स्तर का पेपर मिलना चाहिए था।

क्या परीक्षा में पेपर लीक या नकल की नई गड़बड़ी सामने आई?

री-एग्जाम के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें परीक्षा केंद्र के अंदर प्रश्नपत्र और OMR की रिकॉर्डिंग दिखाई दे रही थी। इससे दोबारा परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे। लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो 20 सितंबर की SI परीक्षा का नहीं था। पुलिस के मुताबिक ये वीडियो उसी केंद्र पर 21 सितंबर को आयोजित एक निजी कोचिंग के मॉक RAS टेस्ट के दौरान रिकॉर्ड किया गया था।

पुरानी SI भर्ती में क्या हुआ था?

ये पूरा विवाद 2021 की SI भर्ती से जुड़ा है। पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद RPSC ने मूल SI Recruitment Exam-2021 को रद्द कर दिया था और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया।

इस भर्ती में करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन आयोग के शुरुआती फैसले के तहत केवल वे करीब 3.83 लाख अभ्यर्थी री-एग्जाम में शामिल होने वाले थे, जिन्होंने मूल परीक्षा के दोनों पेपर दिए थे। बाद में राजस्थान हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद मूल भर्ती के सभी आवेदकों को री-एग्जाम में शामिल होने का अवसर दिया गया। भर्ती में 859 पद हैं और री-एग्जाम के बाद चयन प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाया जाना है। इसमें लिखित परीक्षा के बाद PET, PST और इंटरव्यू की प्रक्रिया भी शामिल है।

अब अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

शहीद स्मारक पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की 3 प्रमुख मांग हैं-

-20 सितंबर की SI री-एग्जाम दोबारा कराई जाए।

-प्रश्नपत्र के पैटर्न और कठिनाई स्तर की विशेषज्ञों से समीक्षा कराई जाए।

-RPSC और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षा प्रणाली में सब्जेक के विशेषज्ञों और अनुभवी शिक्षाविदों को शामिल किया जाए।

RPSC ने क्या किया?

20 सितंबर की परीक्षा के बाद RPSC ने 21 सितंबर को मॉडल आंसर-की जारी की और अभ्यर्थियों को 23 सितंबर तक प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया। हर सवाल पर आपत्ति के लिए फीस और दावे के समर्थन में प्रमाण देने की व्यवस्था थी।

ऐसे में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अभ्यर्थियों की पेपर को लेकर आपत्तियों की समीक्षा के बाद आयोग परीक्षा दोबारा कराने पर कोई फैसला लेगा या मौजूदा री-एग्जाम के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


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