RCA Elections: धनंजय या पराक्रम...RCA चुनाव में कौन सा गुट मारेगा बाजी?

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी RCA के चुनाव में इस बार क्रिकेट से ज्यादा चर्चा सियासी परिवारों की हो रही है। अध्यक्ष पद पर दो बड़े नाम—स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ आमने-सामने हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी और विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव भी अलग-अलग अहम पदों पर मैदान में हैं। यानी RCA की नई टीम में राजनीतिक परिवारों की मौजूदगी साफ दिखाई दे रही है और इसीलिए इसमें तीन गुट भी बनते नजर आ रहे हैं।
कौन से हैं ये तीन गुट
आपको देखिए पहला गुट जो है वो खींवसर का बन रहा है। इस गुट की तरफ से धनंजय सिंह खींवसर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं। दीनदयाल कुमावत भी अध्यक्ष पद की दावेदारी में हैं।
उपाध्यक्ष के लिए मोहित यादव और पवन दिलावर, सचिव के लिए मोहित यादव और आशीष तिवाड़ी, संयुक्त सचिव के लिए विनोद सहारण, कोषाध्यक्ष के लिए आशीष तिवाड़ी और कार्यकारी सदस्य के लिए अरिष्ट सिंघवी का नाम सामने है। इस पैनल की खास बात ये है कि इसमें कई ऐसे नाम हैं जो पहले RCA की एडहॉक कमेटी से भी जुड़े रहे हैं।
दूसरा गुट पराक्रम राठौड़ का
दूसरा गुट पराक्रम गुट है। राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ अध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं। उनके पैनल में मनोज शर्मा, रतन सिंह, सुशील जैन और धर्मवीर सिंह शेखावत जैसे नाम हैं।
तीसरा गुट RCA पैनल का
तीसरा गुट जो है वो खुद RCA का पैनल है। इसमें बृजकिशोर शर्मा का नाम सामने आया है। इस पैनल में रतन सिंह उपाध्यक्ष, पिंकेश पोरवाल सचिव, राजेश सारस्वत संयुक्त सचिव, विष्णु अग्रवाल कोषाध्यक्ष और अरिष्ट सिंघवी कार्यकारी सदस्य के लिए हैं। यानी तीसरा गुट सीधे अध्यक्ष पद के मुकाबले को त्रिकोणीय बनाता है।
ऐसे में इन तीनों में से कौन-सा गुट RCA चुनाव का बड़ा खिलाड़ी साबित हो सकता है? इसका जवाब सीधे किसी एक गुट को विजेता बताकर नहीं दिया जा सकता, क्योंकि RCA का चुनाव 38 मतदाताओं वाली इलेक्टोरल कॉलेज व्यवस्था में हो रहा है। RCA की आधिकारिक अंतिम वोटर लिस्ट में 36 जिला क्रिकेट संघों के साथ 2 पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों समेत कुल 38 वोटर्स दर्ज हैं और यही इस चुनाव का सबसे अहम फैक्टर है।
कोई एक गुट नहीं जीत सकता चुनाव
यहां हर पद का अलग समीकरण बन सकता है। एक गुट अध्यक्ष पद पर मजबूत हो सकता है, लेकिन सचिव या कोषाध्यक्ष के चुनाव में तस्वीर अलग हो सकती है। और सबसे दिलचस्प बात- रतन सिंह और अरिष्ट सिंघवी जैसे नाम अलग-अलग पैनलों की सूचियों में दिखाई दे रहे हैं इससे संकेत मिलता है कि आखिरी नतीजों में पैनल वोटिंग के साथ क्रॉस-सपोर्ट भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
29 सितंबर को RCA का चुनाव
ऐसे में RCA की अंतिम तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। नामांकन कल हो चुके हैं अब 27 सितंबर को स्क्रूटिनी और 28 सितंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया है। इसके बाद अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होगी। मतदान और मतगणना 29 सितंबर को जयपुर की RCA एकेडमी में होगी। इसलिए फिलहाल मुकाबला तीन गुटों के बीच है- खींवसर गुट, पराक्रम गुट और तीसरा RCA पैनल लेकिन 38 वोट, अलग-अलग पदों का अलग गणित और आखिरी वक्त के समीकरण, यही तय करेंगे कि RCA की नई टीम में किस गुट की कितनी पकड़ बनती है।
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