RPSC का सबसे बड़ा 'विभीषण' गिरफ्तार! पूर्व मेंबर कटारा के ड्राइवर ने बेटे के लिए किया पेपर लीक

RPSC Paper Leak: राजस्थान में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ SOG का महा-ऑपरेशन जारी है, और अब इस ऑपरेशन में जो खुलासा हुआ है, उसने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया है। एक ऐसा खुलासा जिसने साबित कर दिया है कि RPSC के भीतर करप्शन की जड़ें कितनी गहरी थीं। रक्षक ही भक्षक बन चुके थे। जिस RPSC पर लाखों युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी थी, उसके भीतर बैठा एक छोटा सा ड्राइवर पूरे सिस्टम को अपनी उंगलियों पर नचा रहा था।
RPSC का ड्राइवर गिरफ्तार
SI भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में SOG ने एक और सनसनीखेज गिरफ्तारी की है। RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन ड्राइवर और RPSC में ड्राइवर के तौर पर तैनात नादान सिंह राठौड़ को SOG ने दबोच लिया है। ये कोई साधारण गिरफ्तारी नहीं है। बल्कि ये इस बात का सबूत है कि कैसे 'साहब' की गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर ने साहब के साथ मिलकर राजस्थान के लाखों ईमानदार और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के सपनों का एक्सीडेंट कर दिया।
सरकारी नौकरी का ऐसा लालच कि बाप ने अपने ही बेटे के भविष्य को जालसाजी की आग में झोंक दिया। SOG की जांच में सामने आया है कि ड्राइवर नादान सिंह ने अपने पद और RPSC मेंबर बाबूलाल कटारा से नजदीकी का फायदा उठाया। नादान सिंह ने कटारा से साठगांठ की और परीक्षा से पहले ही SI भर्ती का ओरिजिनल प्रश्न-पत्र और उसके उत्तर हासिल कर लिए।
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कटारा के भांजे डामोर से लिया था ड्राइवर ने पेपर
साजिश यहीं खत्म नहीं हुई। नादान सिंह ने इस खेल में कटारा के भांजे विजय कुमार डामोर को भी शामिल किया। डामोर से ही पेपर लेकर उसने अपने बेटे अजय प्रताप सिंह तक पहुंचाया। और नतीजा क्या रहा? जो बेटा शायद बिना नकल के पास भी ना हो पाता, उसने हिंदी और सामान्य ज्ञान जैसे बेहद कठिन विषयों में 'रिकॉर्डतोड़' नंबर हासिल कर लिए। लेकिन पाप का घड़ा एक दिन भरता जरूर है। SOG ने इस काले साम्राज्य पर चोट करते हुए आरोपी बेटे अजय प्रताप सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, और अब इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड पिता यानी ड्राइवर नादान सिंह को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
पूरी SI भर्ती में अब तक 141 लोग गिरफ्तार
अब जरा इस पूरे नेटवर्क की भयावहता को समझिए। ये आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि राजस्थान में युवाओं के भविष्य के साथ किस कदर खिलवाड़ किया गया। SOG के ADG विशाल बंसल के नेतृत्व में अब तक इस पूरे SI भर्ती घोटाले में 141 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाबूलाल कटारा जैसे बड़े चेहरे पहले ही जेल में हैं, और अब उनके करीबी भी SOG के रडार पर हैं। ड्राइवर नादान सिंह फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। SOG अब उससे यह उगलवाने में जुटी है कि RPSC के भीतर और कौन-कौन से ऐसे 'विभीषण' छिपे बैठे हैं, जो अंदर की खबरें और पेपर लीक माफियाओं तक पहुंचा रहे थे।
ये कार्रवाई राजस्थान सरकार की 'जीरो टॉलरेंस नीति' का जीता-जागता उदाहरण है। यह उन सभी सफेदपोशों, माफियाओं और दलालों के लिए एक खुली चेतावनी है जो सोचते थे कि वो पैसे और रसूख के दम पर गरीबों और मेहनतकश युवाओं के हक पर डाका डाल लेंगे।
लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ एक ड्राइवर और एक मेंबर की गिरफ्तारी से यह तंत्र साफ हो जाएगा? आखिर आरपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था में सुरक्षा के इंतजाम इतने ढीले कैसे थे कि एक ड्राइवर सीधे मेंबर के चैंबर से पेपर लीक की कड़ियों को जोड़ लेता है? एसओजी का दावा है कि अनुसंधान अभी जारी है, और जल्द ही कई और बड़े मगरमच्छ इस जाल में फंसने वाले हैं।
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