SMS हॉस्पिटल में 2 करोड़ का रोबोट करेगा मरीजों की इलाज, शुरू हुई रोबोटिक फिजियोथेरेपी

Robotic Physiotherapy in SMS Hospital Jaipur: भले ही चिकित्सा और ऑपरेशन के मामले में रोबोट्स का इस्तेमाल अभी तक पूरी तरह भरोसेमंद नहीं लग रहा हो, लेकिन जयपुर के SMS हॉस्पिटल ने मरीजों को एक्सरसाइज करवाने के लिए 2 करोड़ के रोबोट को काम पर लगा दिया है। बीमारी के चलते जो मरीज़ खुद एक्सरसाइज या चल फिर नहीं पा रहे हैं, उन्हें इस रोबोट की मदद से एक्सरसाइज करवाई जाएगी। इसी के साथ जयपुर में भी रोबोटिक फिजियोथेरेपी की शुरुआत हो चुकी है।
कौन-सी बीमारियों में है फायदेमंद
इस रोबोट को लेकर दावा किया जा रहा है कि ऐसे मरीज़, जो पैरालाइसिस, स्पाइनल इंजरी, ब्रेन इंजरी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके इलाज में ये रोबोट काफी फायदेमंद हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन बीमारियों में मरीज़ को लगातार एक्सरसाइज करवाना ज़रूरी होता है और ऐसा करना डॉक्टर्स के लिए बहुत भी मुश्किल और चुनौती भरा होता है। खासकर लकवे के मरीजों की रिकवरी के लिए रोजाना शरीर का मूवमेंट बहुत ज़रूरी है। ऐसे में रोबोटिक फिजियोथेरेपी बहुत सटीकता से काम कर रही है।
डेटा के हिसाब से ऑटोमेटिक चलता है
डॉक्टरों का कहना है कि इस रोबोट की प्रोग्रामिंग सबसे खास है। इसमें सिर्फ एक बार मरीज़ की कंडीशन और ज़रुरत के हिसाब से डेटा सेट करना पड़ता है। एक बार डेटा सेट होने के बाद तय मानकों (Standard Procedure) के अनुसार, रोबोट ऑटोमेटिक मोड पर खुद ही पूरी एक्सरसाइज करवाता है। रोबोट हर मूवमेंट को भी एक्यूरेसी के साथ परफॉर्म करता है।
एक रोबोट काफी नहीं है
SMS हॉस्पिटल की ज़रूरतों के हिसाब से सिर्फ एक रोबोट रोज़ की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है। रिहैबिलिटेशन सेंटर में रोज़ करीब 300 मरीज़ OPD में आते हैं। IPD में भी 50-60 मरीज़ रहते हैं। रोबोट को भी एक मरीज़ पर 40-60 मिनट लगते हैं। ऐसे में एक रोबोट काफी नहीं है। किस मरीज़ पर रोबोट काम करेगा, ये डॉक्टर तय करते हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह रोबोट सिर्फ शुरुआत है। आगे और भी लगाए जा सकते हैं।
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