शिक्षकों ने ही निकाल डाली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ‘अर्थी’, इन मांगों को लेकर किया जबरदस्त विरोध प्रदर्शन

Kota: राजस्थान के शिक्षकों ने अब सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। शिक्षकों ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री के खिलाफ ही धरना दे दिया और विरोध के तौर पर उनकी अर्थी तक निकाल डाली। दरअसल राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की तरफ से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह विधानसभा क्षेत्र में 18 मई को शव यात्रा और विशाल रैली का आयोजन कर विरोध प्रदर्शन किया गया।
शिक्षक संघ सियाराम के संगठन ने शिविरा पंचांग 2026-27 में ग्रीष्मावकाश और संस्था प्रधान अवकाश में कटौती का चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा हैं, पहले चरण में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया दूसरे चरण में उपखण्ड स्तर पर ज्ञापन दिया गया तीसरे चरण में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया और 8 मई को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सदबुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने कहा की शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के इस अव्यावहारिक निर्णय के बारे में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नाम व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को भी ज्ञापन दिया गया हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं।
संगठन के निर्णयानुसार 18 मई को प्रदेश संरक्षक सियाराम शर्मा के नेतृत्व में रामगंज मंडी कोटा में रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया। संगठन के न्याधिकरण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुकेश हाटवाल के अनुसार राजस्थान की भीषण गर्मी को देखते हुए जून माह में विद्यालय खोलना अव्यावहारिक है। ग्रीष्मावकाश और संस्था प्रधान अवकाश कटौती को नियम विरुद्ध बताते हुए कहा कि इससे सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने का विरोध किया और शिविरा कैलेंडर में संशोधन की मांग उठाई गई है माँग पत्र की उपेक्षा से शिक्षकों में नाराजगी है
आज रामगंजमंडी में शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में हजारों शिक्षकों ने 10 दिन की छुट्टियों का विरोध किया एवं सब यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार किया गया।
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