'पहले कराई फजीहत, फिर आई रिपोर्ट...', OBC आयोग को लेकर सरकार पर बरसे टीकाराम जूली

Tikaram Julie: ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद राजस्थान सरकार एक ओर निकाय और पंचायती राज चुनाव की तैयारियों में जुटी है। वहीं विभागों में लॉटरी को लेकर तैयारियां की जा रही है। जबकि दूसरी ओर कांग्रेस ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सबसे पहले तो सरकार की फजीहत हुई जब दो-दो बार कोर्ट में फटकार लगी तो सरकार एक्शन में आई और तुरंत ओबीसी आयोग की रिपोर्ट जारी हो गई। उन्होंने आगे कहा कि फटकार लगते ही रिपोर्ट तुरंत आ गई।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि सरकार को ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक कर देनी चाहिए। रिपोर्ट में बताएं कि किस जाति की क्या स्थिति है? बता दें कि आयोग ने 5 अगस्त को गोल्डर कलर के कवर में सीएम भजनलाल शर्मा को रिपोर्ट सौंपी थी। इस दौरान प्रदेश की सरकार के कई मंत्री मदन दिलावर, झाबर सिंह खर्रा और जोगाराम पटेल भी मौजूद थे।
जाटों की आबादी सबसे अधिक
सूत्रों की मानें तो सरकार 309 नगरीय निकायों में से 60 अध्यक्ष पद ओबीसी के आरक्षित करेगी। वहीं इतने ही पद पंचायती राज निकायों के लिए भी आरक्षित करेगी। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 2 भागों में करीब 900 पेज की है। आयोग के दावे के अनुसार रिपोर्ट में करीब 74.85 लाख परिवारों का सर्वे कराया गया। इसमें करीब 19 प्रश्न पूछे गए। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में जाट जाति की आबादी सबसे अधिक है और राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी सबसे अधिक इसी जाति का है।
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