उदयपुर 2 करोड़ रिश्वत ट्रैप: क्या है 272 प्लॉट घोटाला केस जिसमें SOG ASP मुकेश सोनी डिटेन, दलाल गिरफ्तार

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 2 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने SOG के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी के कथित दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में ASP मुकेश सोनी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्हें बालोतरा स्थित उनके आवास से डिटेन किया गया है।
ACB के मुताबिक, ये पूरा मामला उदयपुर नगर निगम के चर्चित 272 भूखंड (प्लॉट) विवाद नंबर 97/2022 से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मामले में पहले गिरफ्तार आरोपियों को राहत दिलाने, दूसरे मामलों में आरोपी नहीं बनाने और गिरफ्तारी के दौरान मिले कुछ दस्तावेज वापस लौटाने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत के बाद ACB ने किया सत्यापन
ACB को 23 सितंबर को उदयपुर इंटेलिजेंस यूनिट में शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद रिश्वत की मांग की जांच हुई। पुख्ता होने के बाद शनिवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। ACB टीम ने परिवादी की फैक्ट्री में सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ रुपए लेते हुए पकड़ लिया।
ट्रैप में इस्तेमाल की गई 2 करोड़ रुपए की रकम में 4 लाख रुपए असली करेंसी और 1.96 करोड़ रुपए डमी नोट थे। ACB ने कार्रवाई के बाद मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और संबंधित BNS धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
कार में हुई थी डील
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रिश्वत की कथित डील को लेकर परिवादी की मुलाकात ASP मुकेश सोनी से उदयपुर में एक कार के अंदर कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, परिवादी और दलाल कार की पिछली सीट पर थे, जबकि ASP आगे बैठे थे। आरोप है कि मामले को खत्म करने के बदले 2 करोड़ रुपए की मांग की गई। इस मुलाकात के बाद ही ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया।
क्या है 272 प्लॉट घोटाला?
उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़ा मामला पिछले कुछ सालों से जांच के दायरे में है। 2012 में UIT से नगर निगम को कुछ कॉलोनियां ट्रांसफर की गई थीं। इनमें कई खाली और बेशकीमती भूखंड शामिल थे। आरोप है कि इन भूखंडों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर नामांतरण और पट्टे जारी कराने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। मामले की जांच SOG कर रही है।
इसी मामले में SOG ने अगस्त 2026 में पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया और उनके पति निरंजन मोगरा को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। फिलहाल ACB की जांच जारी है। ASP मुकेश सोनी की कथित भूमिका और 2 करोड़ रुपए की रिश्वत के पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ के बाद ही आगे काफी खुलासे हो सकते हैं।
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