गजेंद्र सिंह खींवसर का एक और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार, जोधपुर में रोती हुई महिला चिकित्साकर्मी ने तबादले की लगाई गुहार, पकड़े मंत्री के पैर

Woman health worker touches Gajendra Singh Khimsar feet: जोधपुर से शनिवार को हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। यहां पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सरकारी हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान एक चिकित्साकर्मी अपने तबादले की रिक्वेस्ट करती हुई चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पैरों में गिर जाती है। वह उनसे तबादले के लिए हाथ जोड़कर विनती करते हुए भावुक हो जाती है। इसके बाद चिकित्सा मंत्री और केंद्रीय मंत्री दोनों रुक जाते हैं। वे महिला चिकित्साकर्मी के तबादले को लेकर आश्वासन देते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एक चिकित्साकर्मी को अपने तबादले के लिए मंत्री के पैरों में गिरना पड़ रहा है।
राजस्थान में बीजेपी सरकार बने हुए ढाई साल का समय बीत चुका है। लेकिन तबादले रूके होने या नहीं होने की वजह से सरकारी कार्मिक बहुत परेशान है। अब सरकार ने 5 जुलाई तक तबादलों से बैन हटाया है। ऐसे में अब सरकारी कर्मचारी तबादले की आस लगाकर बैठे हैं। हालांकि इस आदेश में सरकार ने थर्ड ग्रेड टीचर्स, चिकित्सा विभाग के कर्मियों के ट्रांसफर नहीं करने का फैसला लिया है। ऐसे में चिकित्सा कर्मी काफी परेशान है। कई चिकित्साकर्मी लंबे समय से एक ही जगह पर नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में महिला चिकित्साकर्मी अपने सामने चिकित्सा मंत्री को देखकर खुद को रोक नहीं सकी और गजेंद्र सिंह खींवसर के पैरों में गिर गई।
दावों और हकीकत में फर्क
एक तरफ मोदी सरकार आधी आबादी को उसका हक दिलाने की बात करती है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दे रही है। वहीं बीजेपी शासित राजस्थान में एक महिला चिकित्सा कर्मी अपने तबादले के लिए मंत्री के पैरों में गिर जाती है और रोने लगती है। इसके बावजूद मंत्रीजी का दिल नहीं पसीजता है। वह मंत्री से कहती है सर, मैं बहुत परेशान हूं। इसके बाद मंत्री उसे आश्वासन देते हैं लेकिन देखना यह है कि मंत्री का आश्वासन हकीकत में कब बदलता है? क्या वास्तव में इस महिला चिकित्साकर्मी का तबादला हो पाएगा। इस प्रकार के न जाने कितने सरकारी कर्मचारी होंगे जो तबादलों के लिए विधायकों और मंत्रियों के चक्कर काट रहे होंगे लेकिन एक कड़वी सच्चाई यह है कि इन 16 दिनों में केवल उन्हीं लोगों के तबादले होंगे जिनकी पहुंच विधायक या मंत्री तक होगी।
प्रसूताओं पर दिया था बयान
बता दें कि मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर कुछ दिन पहले एक बयान को लेकर भी चर्चा में रहे थे। जहां पर उन्होंने मीडिया से वार्ता के दौरान कहा था कि बीकानेर में प्रसूताएं नाचते-गाते हुए आई थी। गौरतलब है कि कोटा और बीकानेर में डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई थी। इसमें कोटा में चार और बीकानेर में एक प्रसूता की मौत हो गई। इतनी बड़ी घटना के बाद अक्सर देखा जाता है कि मंत्री हॉस्पिटल का दौरा करते हैं और शोक संतृप्त परिजनों से मिलते हैं। लेकिन मंत्री जी राजा जो ठहरे, वे हॉस्पिटल क्यों जाएंगे। ये तो उनकी शान के खिलाफ हो जाएगा।
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